कौन हैं CBSE छात्र सार्थक सिद्धांत? 17 साल के इस छात्र ने लाखों कॉपियां स्कैन करने वाली कंपनी की कैसे खोली पोल
झारखंड के 17 वर्षीय छात्र सार्थक सिद्धांत ने CBSE के ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) टेंडर में कथित अनियमितताओं का खुलासा कर दिया, जिसके बाद मामला संसद तक पहुंच गया।
देश की शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसने पूरे सिस्टम को हिला कर रख दिया है। झारखंड के 17 वर्षीय छात्र सार्थक सिद्धांत ने CBSE के ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) और उससे जुड़े टेंडर प्रोसेस में कथित गड़बड़ियों का खुलासा किया है। उनका दावा है कि नियमों में बदलाव कर एक विशेष कंपनी को फायदा पहुंचाया गया।
कौन हैं सार्थक सिद्धांत?
सार्थक सिद्धांत झारखंड के रहने वाले 12वीं के छात्र हैं। इसी वर्ष उन्होंने CBSE बोर्ड परीक्षा दी थी। परीक्षा के बाद जब उन्हें अपने उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी मिली, तो उन्हें मार्किंग प्रक्रिया में कुछ असमानताएं दिखाई दीं। इसके बाद उन्होंने पूरे सिस्टम की गहराई से जांच शुरू की।
कैसे हुआ खुलासा?
सार्थक ने CBSE के OSM सिस्टम से जुड़े टेंडर डॉक्यूमेंट्स का अध्ययन किया और दावा किया कि—