कीचड़ भरे रास्ते पर तीन साल से मजबूर स्कूली बच्चे: पालवास रोड पर जलभराव की समस्या बरकरार, ग्रामीणों ने दी सड़क जाम करने की चेतावनी

सीकर के पालवास गांव जाने वाली सड़क पर पिछले 3 साल से बारिश में भयंकर जलभराव रहता है। स्कूली बच्चे जूते हाथ में लेकर कीचड़ से होकर स्कूल जाते हैं। ग्रामीणों ने कई बार शिकायत की लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। अब ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जल्द स्थायी हल नहीं निकला तो सड़क जाम कर देंगे।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
December 6, 2025 • 4:42 PM  12
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राजस्थान
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कीचड़ भरे रास्ते पर तीन साल से मजबूर स्कूली बच्चे: पालवास रोड पर जलभराव की समस्या बरकरार, ग्रामीणों ने दी सड़क जाम करने की चेतावनी
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6 Dec 2025
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कीचड़ भरे रास्ते पर तीन साल से मजबूर स्कूली बच्चे: पालवास रोड पर जलभराव की समस्या बरकरार, ग्रामीणों ने दी सड़क जाम करने की चेतावनी

सीकर (राजस्थान)। शहर से सटे पालवास गांव को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर पिछले करीब तीन वर्षों से जलभराव और कीचड़ की गंभीर समस्या बनी हुई है। बारिश के मौसम में तो हालात और भी बदतर हो जाते हैं। सड़क पर जगह-जगह एक फीट तक पानी जमा हो जाता है, जिससे पूरा रास्ता कीचड़ में तब्दील हो जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है जो इसी रास्ते से रोजाना सरकारी स्कूल आना-जाना करते हैं।

बच्चे जूते हाथ में लेकर जाते हैं स्कूल स्थानीय लोगों ने बताया कि छोटे-छोटे बच्चे स्कूल यूनिफॉर्म पहने, बैग कंधे पर टांगे, जूते-मोजे हाथ में पकड़े और पैरों में कीचड़ लगाए रोजाना इस रास्ते से गुजरते हैं। कई बार तो बच्चे फिसलकर गिर भी जाते हैं। अभिभावकों का कहना है कि इस कीचड़ भरे रास्ते की वजह से बच्चों को कई तरह की त्वचा संबंधी बीमारियां भी हो रही हैं।

एक स्थानीय महिला ने बताया, “तीन साल हो गए। हर बारिश में यही हाल है। बच्चे सुबह स्कूल जाते हैं तो जूते गंदे हो जाते हैं, फिर शाम को लौटते वक्त फिर वही हाल। हमने कितनी ही बार PWD और जिला कलेक्टर को शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।”

कई बार शिकायत, कोई कार्रवाई नहीं ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने इस समस्या की लिखित-पत्रित शिकायतें PWD विभाग, तहसीलदार, SDM और जिला कलेक्टर तक को दी हैं। कई बार धरना-प्रदर्शन भी किया गया, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ। सिर्फ बारिश खत्म होने के बाद अस्थायी तौर पर मिट्टी डालकर रास्ता बनाया जाता है, जो अगली बारिश में फिर बह जाता है।

ग्रामीण ने गुस्से में कहा, “अब और बर्दाश्त नहीं होगा। अगर 15 दिन के अंदर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ तो हम पूरी सड़क जाम कर देंगे। बच्चे तीन साल से परेशान हैं, अब हम चुप नहीं बैठेंगे।”

समस्या की जड़: नाला नहीं बना, पानी की निकासी नहीं जानकारों के अनुसार असल समस्या यह है कि सड़क बनाते समय पानी की निकासी के लिए उचित नाला या पुलिया नहीं बनाई गई। आसपास के खेतों का पानी और शहर की कॉलोनियों का गंदा पानी इसी सड़क पर आकर जमा हो जाता है। नतीजतन, हर बारिश में सड़क तालाब बन जाती है।

प्रशासन मौन, ग्रामीण आक्रोशित जब इस बारे में PWD के स्थानीय अधिकारी से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। जिला कलेक्टर कार्यालय से भी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।ग्रामीण अब एकजुट हो रहे हैं। पालवास और आसपास के कई गांवों के लोग जल्द ही बड़ा आंदोलन करने की तैयारी में हैं। उनका साफ कहना है – “अगर बच्चों को कीचड़ से नहीं बचाया गया तो हम सड़क नहीं चलने देंगे।”

 

Mohit Parihar

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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