3,000 साल पुराना भजन और ऋग्वेद के बीच मिले समान लय और स्वर, वैज्ञानिकों ने की पुष्टि

प्राचीन “हिम्न टू निक्कल” और ऋग्वेद के बीच समान लय और स्वर मिले, जो कांस्य युग में भारत से भूमध्य सागर तक फैली वैश्विक संगीतमय संस्कृति का सबूत देते हैं।

Web Desk
Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Sub Editor
August 19, 2025 • 7:54 PM  535
लाइफस्टाइल
NEWS CARD
Logo
3,000 साल पुराना भजन और ऋग्वेद के बीच मिले समान लय और स्वर, वैज्ञानिकों ने की पुष्टि
“3,000 साल पुराना भजन और ऋग्वेद के बीच मिले समान लय और स्वर, वैज्ञानिकों ने की पुष्टि”
Favicon
Read more on thekhatak.com
19 Aug 2025
https://thekhatak.com/similar-rhythms-and-tones-found-between-3-000-year-old-bhajans-and-rig-vedas-scientists-confirm
Google News
Copied
3,000 साल पुराना भजन और ऋग्वेद के बीच मिले समान लय और स्वर, वैज्ञानिकों ने की पुष्टि

एक हालिया शोध ने इतिहास के पन्नों को पलटकर एक आश्चर्यजनक खोज की है। हजारों मील और सदियों की दूरी के बावजूद, कांस्य युग की सभ्यताओं—भारत से लेकर भूमध्य सागर तक—के बीच गहरे संगीतमय संबंध सामने आए हैं। इस खोज का केंद्र है एक प्राचीन भजन, जिसे “हिम्न टू निक्कल” के नाम से जाना जाता है। यह भजन न केवल दुनिया का सबसे पुराना लिखित संगीतमय स्कोर है, बल्कि यह भारत के पवित्र ग्रंथ ऋग्वेद के साथ भी एक अनोखा रिश्ता साझा करता है।

उगारित में मिला दुनिया का सबसे पुराना संगीतमय स्कोर

“हिम्न टू निक्कल” की खोज पूर्वी भूमध्य सागर के तट पर बसे प्राचीन बंदरगाह शहर उगारित के खंडहरों में हुई थी। यह भजन 3,000 साल से भी अधिक पुराना है और इसे कांस्य युग की एक अनमोल धरोहर माना जाता है। यह दुनिया का सबसे पुराना ज्ञात संगीतमय स्कोर है, जो उस समय की सांस्कृतिक और संगीतमय समृद्धि को दर्शाता है।

Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Web Desk The Khatak

Digital Archives

home Home amp_stories Web Stories local_fire_department Trending play_circle Videos mark_email_unread Newsletter