सुमात्रा में मानसून की क्रूर मार: भूस्खलन और बाढ़ ने लील लीं 17 जिंदगियां, 6 अब भी लापता!

इंडोनेशिया के उत्तरी सुमात्रा प्रांत में पिछले एक सप्ताह से हो रही मूसलाधार मानसूनी बारिश के कारण अचानक बाढ़ और भूस्खलन से भारी तबाही हुई है। अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है, 6 लोग अभी भी लापता हैं। सिबोलगा, सेंट्रल तापानुली, दक्षिण तापानुली समेत 6 जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। हजारों घर डूब गए, पुल टूट गए और 2,800 से ज्यादा लोग बेघर होकर आश्रय गृहों में रहने को मजबूर हैं। बचाव कार्य जारी है, लेकिन लगातार बारिश के कारण मुश्किलें बढ़ रही हैं।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
November 26, 2025 • 6:04 PM  23
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सुमात्रा में मानसून की क्रूर मार: भूस्खलन और बाढ़ ने लील लीं 17 जिंदगियां, 6 अब भी लापता!
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26 Nov 2025
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सुमात्रा में मानसून की क्रूर मार: भूस्खलन और बाढ़ ने लील लीं 17 जिंदगियां, 6 अब भी लापता!

मेदान (इंडोनेशिया), 26 नवंबर 2025: इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप पर मानसूनी बारिश ने एक बार फिर प्रकृति का कहर बरपाया है। पिछले एक सप्ताह से हो रही मूसलाधार बारिश ने नदियों को उफान पर ला दिया, जिससे अचानक बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं हुईं। इन विपत्तियों ने उत्तरी सुमात्रा प्रांत के छह जिलों में व्यापक तबाही मचाई है। पुलिस और आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार, मृतकों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है, जबकि 6 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। बचाव दल खराब मौसम और कीचड़ भरी सड़कों से जूझते हुए प्रभावित इलाकों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन चुनौतियां बरकरार हैं।यह विपदा मंगलवार (25 नवंबर) को शुरू हुई, जब तेज बारिश ने पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन को ट्रिगर कर दिया। राष्ट्रीय पुलिस के एक बयान में कहा गया कि नदियां अपने किनारों को तोड़कर बहने लगीं, जिससे कीचड़, चट्टानें और उखड़े हुए पेड़ गांवों की ओर बह आए। सबसे ज्यादा प्रभावित सिबोलगा शहर में छह भूस्खलन हुए, जिन्होंने 17 घरों और एक कैफे को रौंद दिया। यहां बुधवार तक बचावकर्मियों ने 5 शव बरामद किए हैं, साथ ही 3 घायलों को सुरक्षित निकाला गया। चार ग्रामीण अभी भी लापता हैं। सिबोलगा पुलिस प्रमुख एडी इंगांता ने बताया, "खराब मौसम और कीचड़ ने बचाव कार्य को मुश्किल बना दिया है। पहुंच सीमित है, लेकिन हम पूरी ताकत लगा रहे हैं।"पड़ोसी सेंट्रल तापानुली जिले में भूस्खलन ने एक पूरे परिवार के चार सदस्यों की जान ले ली। यहां बाढ़ ने करीब 2,000 घरों और इमारतों को पानी में डुबो दिया। दक्षिण तापानुली जिले में बाढ़ और भूस्खलन ने 7 और लोगों की मौत कर दी, साथ ही 58 लोग घायल हो गए। यहां बाढ़ से उखड़े पेड़ों ने एक व्यक्ति को अपनी चपेट में ले लिया। उत्तरी तापानुली में भूस्खलन ने 50 घरों को नुकसान पहुंचाया और दो मुख्य पुलों को ध्वस्त कर दिया। कुल मिलाकर, बाढ़ ने हजारों लोगों को बेघर कर दिया है, और 2,800 से अधिक निवासी अस्थायी आश्रयों में शरण ले चुके हैं।राष्ट्रीय आपदा शमन एजेंसी (बीएनपीबी) के प्रवक्ता अब्दुल मुहारी ने कहा, "बचाव दल छह जिलों में सक्रिय हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश से स्थिति और बिगड़ सकती है।" उन्होंने उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों के निवासियों को तत्काल निकासी की सलाह दी है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पानी की तेज धारें छतों से उतरती दिख रही हैं, जहां घबराए ग्रामीण अपनी जान बचाने के लिए भाग रहे हैं। एक वीडियो में रबर बोट पर महिलाओं और बच्चों को बचाते हुए बचावकर्मी नजर आ रहे हैं।इंडोनेशिया, जो 17,000 से अधिक द्वीपों का समूह है, अक्टूबर से मार्च तक होने वाली भारी वर्षा के कारण अक्सर बाढ़ और भूस्खलन का शिकार होता रहता है। लाखों लोग पहाड़ी इलाकों या उपजाऊ मैदानों के पास रहते हैं, जहां ऐसी आपदाएं आम हैं। रोचक बात यह है कि मंगलवार को ही जावा द्वीप के सिलाकैप और बनजर्णेगारा जिलों में भूस्खलन से 38 मौतों के बाद राहत कार्य समाप्त घोषित किया गया था, जहां 1,000 से अधिक बचावकर्मी तैनात थे। अब सुमात्रा की यह त्रासदी देश को फिर से हिला रही है।सरकार ने आपातकालीन सहायता केंद्र स्थापित किए हैं, जहां प्रभावित परिवारों को भोजन, चिकित्सा और आश्रय उपलब्ध कराया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण ऐसी घटनाएं और तीव्र हो रही हैं। फिलहाल, बचाव कार्य जारी है, और उम्मीद है कि लापता लोगों को जल्द सुरक्षित निकाला जा सकेगा। यह घटना मानसून के खतरों के प्रति सतर्कता की याद दिलाती है।

 

Basanti Parmar

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

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