अजमेर में बेटी ने पिता को पीट-पीटकर मार डाला: शव सड़क पर फेंका, बहन को व्हाट्सएप पर फोटो भेजी, फिर खून साफ करके सो गई – एससी-एसटी कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा

अजमेर में बेटी रागिनी ने पिता अशोक दुबे को पीट-पीटकर मार डाला, शव बाहर फेंका, बहन को खून वाली फोटो भेजी, खून साफ कर सो गई। 6 साल बाद एससी-एसटी कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
January 31, 2026 • 4:43 AM  4.3k
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अजमेर में बेटी ने पिता को पीट-पीटकर मार डाला: शव सड़क पर फेंका, बहन को व्हाट्सएप पर फोटो भेजी, फिर खून साफ करके सो गई – एससी-एसटी कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा
“अजमेर में बेटी ने पिता को पीट-पीटकर मार डाला: शव सड़क पर फेंका, बहन को व्हाट्सएप पर फोटो भेजी, फिर खून साफ करके सो गई – एससी-एसटी कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा”
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31 Jan 2026
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अजमेर में बेटी ने पिता को पीट-पीटकर मार डाला: शव सड़क पर फेंका, बहन को व्हाट्सएप पर फोटो भेजी, फिर खून साफ करके सो गई – एससी-एसटी कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा

राजस्थान के अजमेर शहर में एक बेहद हैरान करने वाला और क्रूर मामला सामने आया है, जहां एक बेटी ने अपने ही बुजुर्ग पिता की पीट-पीटकर हत्या कर दी। यह घटना लगभग 6 साल पुरानी है, लेकिन न्याय की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शुक्रवार को एससी-एसटी कोर्ट ने आरोपी बेटी को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है। साथ ही, कोर्ट ने आरोपी पर जुर्माना भी लगाया है (कुछ रिपोर्ट्स में 30 हजार रुपये का जुर्माना बताया गया है)।

घटना का विवरण

घटना 3 फरवरी 2020 की है, जब अजमेर के आदर्श नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत विज्ञान नगर में रहने वाले 62 वर्षीय अशोक कुमार दुबे की उनके ही घर में क्रूर तरीके से हत्या कर दी गई। हत्या करने वाली उनकी छोटी बेटी रागिनी दुबे (उस समय 31 वर्ष की, अब 36 वर्ष) थी।

घरेलू विवाद के कारण रागिनी ने पिता अशोक कुमार के साथ जमकर मारपीट की।पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, अशोक कुमार के शरीर पर लगभग 19 चोट के निशान मिले थे, जो साफ तौर पर बेरहमी भरी मारपीट की ओर इशारा करते हैं।हत्या के बाद रागिनी ने लहूलुहान शव को घर से घसीटकर बाहर सड़क पर फेंक दिया।इसके बाद उसने घर के अंदर फैले खून के धब्बों को पानी से धोकर साफ करने की कोशिश की, ताकि किसी को शक न हो।

सबसे चौंकाने वाली बात यह कि हत्या के तुरंत बाद रागिनी ने अपनी बड़ी बहन यामिनी दुबे को व्हाट्सएप पर पिता की खून से सनी तस्वीर भेजी और मैसेज किया: "मेरी और पापा का झगड़ा हो गया, तो मैंने पापा के साथ ज्यादा मारपीट कर दी, जिससे वह बेहोश हो गए और कमरे में खून फैल गया। जिस पर मैंने पापा को बाहर डाल दिया। कमरे को पानी से धो दिया।"

मैसेज भेजने के बाद रागिनी घर में जाकर आराम से सो गई थी।जब बड़ी बहन यामिनी घर पहुंची, तो उन्हें पिता का शव घर के बाहर सड़क पर पड़ा मिला, जबकि रागिनी अंदर बिस्तर पर सो रही थी।

सबूत और जांच

पुलिस ने घटनास्थल से फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की मदद से अहम सबूत जुटाए:रागिनी की पेंट पर पिता के खून के निशान मिले।अशोक कुमार की शर्ट और रागिनी की पेंट पर खून की पुष्टि हुई।घर की दीवारों और फर्श पर खून के धब्बे मिले, जो साफ करने के बावजूद नजर आए।इन वैज्ञानिक सबूतों के अलावा गवाहों के बयान और अन्य परिस्थितिजन्य प्रमाणों के आधार पर कोर्ट ने रागिनी को दोषी करार दिया।

कोर्ट का फैसला

शुक्रवार को अजमेर की एससी-एसटी विशेष अदालत में मामले की सुनवाई हुई। विशिष्ट लोक अभियोजक (सरकारी वकील) पंकज जैन ने कोर्ट में मजबूत पक्ष रखा। न्यायालय ने सभी सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर रागिनी दुबे को हत्या के आरोप में दोषी ठहराया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई।यह मामला बड़ी बेटी यामिनी दुबे की शिकायत पर दर्ज किया गया था, जिन्होंने घटना के बाद पुलिस को सूचना दी।

समाज के लिए सबक

यह घटना घरेलू विवादों के खतरनाक परिणामों को दर्शाती है, जहां छोटी-मोटी नोंकझोंक क्रूर हत्या तक पहुंच जाती है। परिवार के सदस्यों के बीच बढ़ते तनाव और गुस्से को समय रहते संभालना कितना जरूरी है, इस घटना से साफ जाहिर होता है। न्याय मिलने से पीड़ित परिवार को कुछ राहत जरूर मिली होगी, लेकिन खोया हुआ जीवन कभी वापस नहीं आ सकता।

Mohit Parihar

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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