अजमेर: नाबालिग से दुष्कर्म कर गर्भवती करने के मामले में बेलदार को 20 साल की कठोर कैद, 36 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया

अजमेर की पोक्सो विशेष अदालत ने 15 साल की नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाने और बार-बार दुष्कर्म करके गर्भवती करने के दोषी बेलदार को 20 वर्ष कठोर कारावास और 36 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
November 27, 2025 • 2:51 PM  17
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अजमेर: नाबालिग से दुष्कर्म कर गर्भवती करने के मामले में बेलदार को 20 साल की कठोर कैद, 36 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया
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27 Nov 2025
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अजमेर: नाबालिग से दुष्कर्म कर गर्भवती करने के मामले में बेलदार को 20 साल की कठोर कैद, 36 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया

अजमेर। पोक्सो एक्ट के तहत चल रहे एक संवेदनशील मामले में अजमेर की पोक्सो विशेष न्यायालय संख्या-2 के न्यायाधीश श्रीमती नेहा शर्मा ने गुरुवार को आरोपी बेलदार को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही आरोपी पर 36 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं भरने पर अतिरिक्त 6 माह की सजा भुगतनी होगी।

घटना का विवरण;  पुलिस के अनुसार, पीड़िता उस समय महज 15 वर्ष की थी। उसके पिता ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके घर के पास ही एक बेलदार (मजदूर) रहता था। आरोपी ने उनकी नाबालिग बेटी को पहले प्रेम जाल में फंसाया, फिर बहला-फुसलाकर उसे घर से भगा ले गया।आरोपी उसे लेकर कहीं चला गया और कई दिन तक उसके साथ लगातार दुष्कर्म किया। जब लड़की घर लौटी तो परिवार को पता चला कि वह गर्भवती हो चुकी है। मेडिकल जांच में भी गर्भधारण की पुष्टि हुई और लड़की की उम्र 15 वर्ष से कम पाई गई।

पुलिस ने क्या कार्रवाई की? शिकायत मिलते ही पुलिस ने तुरंत आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 363 (अपहरण), 366 (विवाह के लिए अपहरण), 376 (बलात्कार) तथा पोक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था।

अदालत में क्या हुआ? लंबी सुनवाई के बाद पोक्सो न्यायालय ने पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को सभी आरोपों में दोषी पाया। अदालत ने इसे अत्यंत गंभीर अपराध मानते हुए निम्न सजाएं सुनाईं:पोक्सो एक्ट की धारा 4 व 6 के तहत → 20 वर्ष कठोर कारावास ,आईपीसी की अन्य धाराओं में भी अलग-अलग सजा(सभी सजाएं एक साथ चलेंगी),साथ ही अदालत ने पीड़िता को राहत राशि के रूप में जुर्माने की पूरी रकम (36,000 रुपये) दिलवाने के भी आदेश दिए।

 

Mohit Parihar

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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