अजमेर पुलिस की बड़ी सफलता: 10 लाख लेकर डमी कैंडिडेट बनकर RPSC परीक्षा देने वाला लेक्चरर गिरफ्तार

अजमेर पुलिस ने RPSC की वरिष्ठ शारीरिक शिक्षा अध्यापक परीक्षा-2022 में 10 लाख रुपये लेकर डमी कैंडिडेट बनकर परीक्षा देने वाले सरकारी लेक्चरर हुकमाराम को 18 महीने बाद गिरफ्तार किया। आरोपी 5 हजार रुपये का इनामी था और फरारी के दौरान नशे का आदी हो गया था। मामला डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में खुला, जिसमें फर्जी फोटो लगाकर धांधली की गई थी।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
December 20, 2025 • 3:37 PM  309
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राजस्थान
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अजमेर पुलिस की बड़ी सफलता: 10 लाख लेकर डमी कैंडिडेट बनकर RPSC परीक्षा देने वाला लेक्चरर गिरफ्तार
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20 Dec 2025
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अजमेर पुलिस की बड़ी सफलता: 10 लाख लेकर डमी कैंडिडेट बनकर RPSC परीक्षा देने वाला लेक्चरर गिरफ्तार

अजमेर। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित वरिष्ठ शारीरिक शिक्षा अध्यापक प्रतियोगी परीक्षा-2022 में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद अजमेर की सिविल लाइन थाना पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी कोई और नहीं, बल्कि एक सरकारी लेक्चरर है, जो खुद डमी कैंडिडेट बनकर परीक्षा देने के लिए करीब 10 लाख रुपये में सौदा किया था।

मामले की शुरुआत और फर्जीवाड़े का तरीका RPSC ने 30 अप्रैल 2023 को 461 पदों के लिए वरिष्ठ शारीरिक शिक्षा अध्यापक (Senior Physical Education Teacher) की प्रतियोगी परीक्षा आयोजित की थी। इस परीक्षा में कुल 4 कैंडिडेट्स और अन्य आरोपियों ने मिलकर साजिश रची। उन्होंने मूल प्रवेश पत्र पर लगी फोटो की जगह कूटरचित (फर्जी) स्कैन फोटो जनरेट करके डमी कैंडिडेट्स को परीक्षा दिलवाई।जब सफल कैंडिडेट्स के दस्तावेजों की जांच (Document Verification) हुई, तो यह फर्जीवाड़ा सामने आया।इसके बाद RPSC ने 5 अप्रैल 2024 को अजमेर के सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज कराया।

गिरफ्तार आरोपी की पूरी जानकारी गिरफ्तार आरोपी का नाम हुकमाराम (उम्र 31 वर्ष), पुत्र पुनाराम है। वह जिला जालोर के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय डूंगरी में लेक्चरर (भूगोल) के पद पर तैनात है।वर्ष 2021 में RPSC से ही लेक्चरर भूगोल के पद पर उसका चयन हुआ था और वह स्कूल में जॉइन भी कर चुका था।आरोपी ने अजमेर के श्रमजीवी कॉलेज सेंटर पर परीक्षा दी थी।वह मुख्य कैंडिडेट गेनाराम (जिला बाड़मेर का निवासी) की जगह डमी कैंडिडेट बनकर बैठा था।दोनों आरोपी आस-पास के गांवों के रहने वाले हैं, इसलिए गेनाराम ने हुकमाराम से संपर्क कर 10 लाख रुपये में सौदा तय किया।हुकमाराम ने गेनाराम की जगह परीक्षा दी और वह चयनित भी हो गया, लेकिन डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में पकड़ा गया।

फरारी और गिरफ्तारी की कहानी मुख्य कैंडिडेट गेनाराम को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। गेनाराम की गिरफ्तारी के बाद हुकमाराम करीब 18 महीने से फरार चल रहा था।पुलिस ने उसे 5 हजार रुपये का इनामी घोषित किया था।मामले में अब तक 4 अन्य आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, हुकमाराम पांचवां आरोपी है।फरारी के दौरान हुकमाराम नशे का आदी हो गया था।अतिरिक्त एसपी गणेशाराम के नेतृत्व में पुलिस टीम ने उसे आखिरकार गिरफ्तार कर लिया।फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है, ताकि साजिश में शामिल अन्य लोगों का पता लगाया जा सके।

व्यापक संदर्भ: RPSC परीक्षाओं में बढ़ते फर्जीवाड़े यह मामला राजस्थान में RPSC की परीक्षाओं में बढ़ते फर्जीवाड़े और डमी कैंडिडेट्स के इस्तेमाल का एक और उदाहरण है। पहले भी कई परीक्षाओं जैसे सेकंड ग्रेड टीचर, स्कूल व्याख्याता आदि में डमी कैंडिडेट्स और पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। इस परीक्षा में कुल 4 डमी कैंडिडेट्स का मामला दर्ज हुआ था, जिसमें से ज्यादातर केस डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के दौरान पकड़े गए। पुलिस और RPSC अब ऐसे मामलों पर सख्त नजर रख रही है, लेकिन परीक्षा केंद्रों पर पहचान की कड़ी व्यवस्था न होने से ऐसे फर्जीवाड़े आसानी से हो जा रहे हैं।

Mohit Parihar

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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