बाड़मेर कलेक्टर टीना डाबी को मिला जल संरक्षण अवॉर्ड: विवाद की पूरी कहानी

बाड़मेर जिले को जल संरक्षण में उत्कृष्ट कार्य के लिए 18 नवंबर 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से प्रथम जल संचय जन भागीदारी (JSJB) पुरस्कार और 2 करोड़ रुपये की राशि मिली, जिसे कलेक्टर टीना डाबी ने ग्रहण किया। सोशल मीडिया पर CTR पोर्टल के डुप्लीकेट फोटो के स्क्रीनशॉट वायरल होने से आंकड़ों में गड़बड़ी के आरोप लगे। टीना डाबी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि JSJB और CTR दो अलग-अलग कार्यक्रम व पोर्टल हैं, पुरस्कार JSJB के सत्यापित डेटा पर आधारित है। CTR में गलती की जांच चल रही है और दोषियों पर कार्रवाई होगी। जल शक्ति मंत्रालय व प्रशासन ने आरोपों को भ्रामक बताया, विवाद गलतफहमी से उत्पन्न हुआ।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
December 31, 2025 • 11:19 AM  8
राजस्थान
NEWS CARD
Logo
बाड़मेर कलेक्टर टीना डाबी को मिला जल संरक्षण अवॉर्ड: विवाद की पूरी कहानी
“बाड़मेर कलेक्टर टीना डाबी को मिला जल संरक्षण अवॉर्ड: विवाद की पूरी कहानी”
Favicon
Read more on thekhatak.com
31 Dec 2025
https://thekhatak.com/barmer-tina-dabi-water-award-controversy-jsjb-ctr-difference-2025
Google News
Copied
बाड़मेर कलेक्टर टीना डाबी को मिला जल संरक्षण अवॉर्ड: विवाद की पूरी कहानी

राजस्थान के बाड़मेर जिले को जल संरक्षण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा सम्मान मिला था, लेकिन हाल ही में यह उपलब्धि सोशल मीडिया पर विवादों के घेरे में आ गई। बाड़मेर की जिला कलेक्टर आईएएस टीना डाबी को 18 नवंबर 2025 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रथम जल संचय जन भागीदारी (JSJB) पुरस्कार प्रदान किया। इस पुरस्कार के साथ जिले को 2 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी गई। यह सम्मान 'कैच द रेन' अभियान के तहत वर्षा जल संग्रहण और जन भागीदारी में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मिला।

पुरस्कार की पृष्ठभूमि और उपलब्धि बाड़मेर एक रेगिस्तानी क्षेत्र है, जहां पानी की भारी कमी रहती है। यहां महिलाओं को पानी लाने के लिए दूर-दूर तक जाना पड़ता था, और कई दुर्घटनाएं भी होती थीं।टीना डाबी के नेतृत्व में जिले में बड़े पैमाने पर पारंपरिक टांका, तालाब, जोहड़, बावड़ियां और रूफटॉप रेनवॉटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण और जीर्णोद्धार किया गया।JSJB पोर्टल पर अपलोड आंकड़ों के अनुसार, बाड़मेर में 79,055 पूर्ण कार्य और 12,477 प्रगतिरत कार्य (कुल 91,532) दर्ज किए गए।यह पुरस्कार जल शक्ति मंत्रालय द्वारा पारदर्शी प्रक्रिया से दिया गया, जिसमें GIS लोकेशन, जियो-टैग्ड फोटो और बहु-स्तरीय सत्यापन शामिल था।बाड़मेर को देश में पहला स्थान मिला, जबकि उदयपुर दूसरे स्थान पर रहा (टीना डाबी की बहन रिया डाबी ने वहां पुरस्कार ग्रहण किया)।यह उपलब्धि बाड़मेर को जल संरक्षण का राष्ट्रीय मॉडल बना रही है, और 2 करोड़ की राशि से फेज-2 कार्य शुरू होंगे।

विवाद कैसे शुरू हुआ? दिसंबर 2025 के अंत में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर कुछ पोस्ट वायरल हुईं, जिनमें दावा किया गया कि बाड़मेर ने आंकड़ों में हेराफेरी की है।आरोप: एक ही फोटो को कई अलग-अलग कार्यों के लिए अपलोड किया गया, जिससे कार्यों की संख्या कृत्रिम रूप से बढ़ाई गई।इन पोस्ट में जल शक्ति अभियान: कैच द रेन (JSA-CTR) पोर्टल के स्क्रीनशॉट शेयर किए गए, खासकर धोरीमन्ना, चौहटन और बाड़मेर ग्रामीण ब्लॉकों के।कुछ यूजर्स ने इसे सीधे JSJB पुरस्कार से जोड़कर टीना डाबी और जिला प्रशासन पर सवाल उठाए।

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

Digital Archives

home Home amp_stories Web Stories local_fire_department Trending play_circle Videos mark_email_unread Newsletter