राजस्थान के बूंदी में सोने-चांदी के गहनों के लालच में बुजुर्ग की क्रूर हत्या: घर से उठाकर 5 किमी दूर ले जाकर लूटा, हत्या कर नदी में फेंकी लाश
बूंदी में 60 साल के बुजुर्ग किशन गोपाल को रात में घर से उठाकर 5 किमी दूर ले गए बदमाशों ने सोने-चांदी के गहने लूटे, हत्या की और शव मांगली नदी में फेंक दिया। परिवार-ग्रामीणों ने सड़क जाम कर फांसी-मुआवजा की मांग की, बाद में 5 लाख + नौकरी पर सहमति।



बूंदी जिले के नमाना थाना क्षेत्र के जवाहर नगर गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। बदमाशों ने 60 वर्षीय बुजुर्ग किशन गोपाल बैरवा का अपहरण कर सोने-चांदी के आभूषण लूट लिए और उनकी निर्मम हत्या कर शव को मांगली नदी में फेंक दिया। यह वारदात शुक्रवार रात को हुई, जबकि शव शनिवार दोपहर में नदी में तैरता मिला।

घटना का पूरा विवरण
किशन गोपाल बैरवा रोजाना की तरह शुक्रवार रात को अपने घर के बाहर टिन शेड के नीचे सो रहे थे। रात में अज्ञात बदमाश उनके पास पहुंचे और उन्हें जबरदस्ती उठाकर करीब 5 किलोमीटर दूर करजुना गांव के श्मशान घाट के पास ले गए। वहां उन्होंने बुजुर्ग के कानों में पहनी सोने की मुरकियां, गले में पहनी सोने की राउत (हंसली) और दोनों हाथों में पहने आधा किलो वजन के चांदी के कड़े लूट लिए। लूटपाट के बाद बदमाशों ने किशन गोपाल की हत्या कर दी और उनके शव को श्मशान घाट के पास बह रही मांगली नदी में फेंक दिया।
परिवार को सुबह हुई अनहोनी का पता
शनिवार सुबह किशन गोपाल के बेटे रंजीत ने पिता के लिए चाय लेकर टिन शेड पर पहुंचे, लेकिन वहां पिता नहीं मिले। आसपास खोजबीन करने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद परिवार ने नमाना थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। कुछ देर बाद सूचना मिली कि मांगली नदी में एक शव बह रहा है। मौके पर पहुंचकर परिवार ने देखा तो वह उनके पिता का ही शव था। शव से सभी सोने-चांदी के गहने गायब थे, जिससे साफ हो गया कि लूट के इरादे से ही अपहरण और हत्या की गई।
सरपंच ने बताई बुजुर्ग की आदत
आमली पंचायत के सरपंच सुरेश मीणा ने बताया कि किशन गोपाल बैरवा सोने-चांदी के आभूषण पहनकर रहने के शौकीन थे। दोनों हाथों में चांदी के भारी कड़े, कानों में सोने की मुरकियां और गले में सोने का वजनी राउत (हंसली) उनकी रोजमर्रा की पहचान थे। शव मिलने पर ये सभी गहने गायब होने से लूट की पुष्टि हुई।
ग्रामीणों का आक्रोश और धरना-प्रदर्शन
शव मिलने के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने करजुना गांव में नमाना-बूंदी रोड पर शव रखकर सड़क जाम कर दी और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने हत्यारों को फांसी देने, परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया।
प्रशासन ने की बातचीत, मांगों पर सहमति
सूचना मिलने पर बूंदी से तहसीलदार अर्जुन मीणा, एसडीएम लक्ष्मीकांत मीणा और डीएसपी मौके पर पहुंचे। लंबी बातचीत के बाद शाम करीब 5 बजे सहमति बनी। सरकार की योजना के तहत परिवार को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, एक परिजन को संविदा पर नौकरी और 20 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता का प्रस्ताव सरकार को भेजने पर सहमति हुई। इसके बाद परिजन शव का अंतिम संस्कार करने पर राजी हो गए और प्रदर्शन समाप्त हो गया।
पुलिस की कार्रवाई
नमाना थाना प्रभारी माया बैरवा ने बताया कि पुलिस ने शव को नदी से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की तलाश के लिए टीमें गठित की गई हैं। जांच के दौरान हर पहलू पर गौर किया जा रहा है। अभी तक बदमाश फरार हैं।










































