फिलीपींस में फर्जी नागरिकता घोटाला: चीनी महिला एलिस गुओ को मानव तस्करी के आरोप में उम्रकैद, बम्बन शहर की पूर्व मेयर का राज उजागर

फिलीपींस के बम्बन शहर की पूर्व मेयर एलिस गुओ, जो असल में चीनी नागरिक हैं, ने फर्जी दस्तावेजों से फिलीपीनी नागरिकता लेकर चुनाव जीता था। वह एक बड़े चीनी ऑनलाइन जुआ एवं स्कैम सेंटर की मालकिन थीं, जहां सैकड़ों लोगों की तस्करी कर जबरन ठगी करवाई जाती थी। फिलीपींस की अदालत ने उन्हें और सात अन्य को मानव तस्करी के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
November 20, 2025 • 5:44 PM  26
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फिलीपींस में फर्जी नागरिकता घोटाला: चीनी महिला एलिस गुओ को मानव तस्करी के आरोप में उम्रकैद, बम्बन शहर की पूर्व मेयर का राज उजागर
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20 Nov 2025
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फिलीपींस में फर्जी नागरिकता घोटाला: चीनी महिला एलिस गुओ को मानव तस्करी के आरोप में उम्रकैद, बम्बन शहर की पूर्व मेयर का राज उजागर

मनीला, फिलीपींस। फिलीपींस की एक अदालत ने गुरुवार को एक सनसनीखेज फैसले में चीनी मूल की महिला एलिस गुओ और उसके सात सहयोगियों को मानव तस्करी (ह्यूमन ट्रैफिकिंग) के गंभीर आरोपों में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। एलिस गुओ, जो फिलीपींस के बम्बन शहर (मनीला के उत्तर में स्थित) की पूर्व मेयर रह चुकी हैं, ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए फिलीपीनी नागरिकता हासिल की थी। यह मामला न केवल एक राजनीतिक घोटाले का रूप ले चुका है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चीनी माफिया के ऑनलाइन जुआ और स्कैम नेटवर्क से जुड़ा हुआ है, जिसमें सैकड़ों लोगों को जबरन अपराधों में झोंक दिया जाता था।

एलिस गुओ का पृष्ठभूमि: राजनीति से अपराध की दुनिया तक एलिस गुओ (असली नाम: गुओ ह्वाइजुन) का जन्म चीन के फुजियान प्रांत में 1986 में हुआ था। वह 2010 के दशक में फिलीपींस पहुंचीं और जल्द ही स्थानीय राजनीति में प्रवेश कर लिया। 2022 के स्थानीय चुनावों में उन्होंने बम्बन शहर की मेयर का पद जीता, जो फिलीपींस के टार्लाक प्रांत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। गुओ ने खुद को एक सफल व्यवसायी और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में पेश किया, लेकिन जांच एजेंसियों ने खुलासा किया कि उनकी फिलीपीनी नागरिकता पूरी तरह फर्जी थी। फिलीपींस की चुनाव आयोग (COMELEC) और राष्ट्रीय जांच ब्यूरो (NBI) की जांच में पाया गया कि गुओ ने जाली जन्म प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेजों का इस्तेमाल करके 2012 में फिलीपीनी नागरिकता प्राप्त की थी। वह वास्तव में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़ी हुई थीं और फिलीपींस में चीनी अपराध सिंडिकेट्स के लिए काम कर रही थीं। 2024 में सीनेट की सुनवाई के दौरान उनके चीनी मूल का खुलासा हुआ, जिसके बाद उन्हें मेयर पद से हटा दिया गया और राष्ट्रपति फर्डिनैंड मार्कोस जूनियर की सरकार ने उनके खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी।

मानव तस्करी का काला कारोबार: ऑनलाइन जुआ सेंटर का राज गुओ पर सबसे गंभीर आरोप मानव तस्करी और जबरन श्रम का है। जांच के अनुसार, वह बम्बन शहर में एक विशाल चीनी ऑनलाइन जुआ सेंटर (POGO - फिलीपींस ऑफशोर गेमिंग ऑपरेटर) चला रही थीं। यह सेंटर वास्तव में एक स्कैम कॉल सेंटर था, जहां सैकड़ों विदेशी नागरिकों (मुख्य रूप से चीनी, वियतनामी और अन्य एशियाई देशों के) को अवैध तरीके से फिलीपींस लाया जाता था। तस्करी की प्रक्रिया: पीड़ितों को नौकरी के झूठे वादों पर ललचाया जाता था। उन्हें चीन या अन्य देशों से तस्करी करके फिलीपींस पहुंचाया जाता, जहां उनके पासपोर्ट जब्त कर लिए जाते। फिर उन्हें 24 घंटे काम करने के लिए मजबूर किया जाता, जिसमें अमीर लोगों को फोन पर जुआ खेलने के लिए लुभाना, निवेश घोटाले और साइबर फ्रॉड शामिल थे। पीड़ितों की संख्या: फिलीपींस पुलिस के अनुमान के मुताबिक, गुओ के नेटवर्क में 400 से अधिक पीड़ित फंसे हुए थे। कई पीड़ितों ने बताया कि उन्हें शारीरिक यातनाएं, भूखा रखना और यहां तक कि हत्या की धमकियां दी जाती थीं। आर्थिक पैमाना: इस नेटवर्क से सालाना करोड़ों डॉलर की कमाई हो रही थी, जो चीनी माफिया को भेजे जाते थे। गुओ ने स्थानीय राजनीतिक कनेक्शनों का इस्तेमाल करके पुलिस और सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देकर इस कारोबार को छिपाया। फिलीपींस सरकार ने 2024 में POGO पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया, क्योंकि ये सेंटर न केवल मानव तस्करी का केंद्र थे, बल्कि मनी लॉन्ड्रिंग, जासूसी और आतंकवाद फंडिंग से भी जुड़े पाए गए।

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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