क्या CJP प्रोटेस्ट में शामिल छात्रों को मिली बड़ी राहत? सुप्रीम कोर्ट ने दिए नाबालिगों की रिहाई के आदेश
CJP प्रोटेस्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा अंतरिम आदेश जारी करते हुए नाबालिग प्रदर्शनकारियों को रिहा करने और बिना आपराधिक रिकॉर्ड वाले छात्रों के खिलाफ फिलहाल कोई सख्त कार्रवाई नहीं करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कोर्ट ने सभी डिजिटल सबूत सुरक्षित रखने और प्रदर्शनकारियों का निजी डेटा सार्वजनिक न करने का भी आदेश दिया है। आखिर कोर्ट ने और क्या-क्या कहा?
नई दिल्ली। CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के नेतृत्व में हुए देशव्यापी छात्र आंदोलन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार, 28 जुलाई को अहम अंतरिम आदेश जारी किया। अदालत ने सभी राज्यों को निर्देश दिया है कि आंदोलन के दौरान हिरासत में लिए गए या गिरफ्तार किए गए 18 वर्ष से कम आयु के सभी नाबालिगों को तत्काल रिहा किया जाए। साथ ही जिन प्रदर्शनकारियों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, उन्हें भी राहत देने के निर्देश दिए गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि दिल्ली के जंतर-मंतर सहित विभिन्न राज्यों में CJP प्रोटेस्ट के दौरान छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर के मामलों में फिलहाल कोई जबरन कार्रवाई नहीं की जाएगी। हालांकि अदालत ने यह भी साफ किया कि जिन प्रदर्शनकारियों का आपराधिक इतिहास है, उन्हें इस अंतरिम राहत का लाभ नहीं मिलेगा।
यह मामला 20 जुलाई को आयोजित CJP के 'चलो संसद' मार्च के दौरान हुई घटनाओं से जुड़ा है। आरोप है कि प्रदर्शन को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े, जिससे कई छात्र घायल हुए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग करने और छात्रों के साथ ज्यादती करने के आरोप लगाए थे।