साधु के वेश में छिपा था चिट्टा तस्कर, उज्जैन के महाकाल मंदिर से पुलिस ने दबोचा

हनुमानगढ़ में चिट्टा तस्करी के फरार आरोपी पूर्णराम शर्मा को उज्जैन के महाकाल मंदिर से गिरफ्तार किया गया, जहां वह साधु वेश में 'पूर्णराम अघोरी' बनकर छिपा था। पुलिस ने तकनीकी और मानवीय सूचनाओं के आधार पर यह कार्रवाई की।

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Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026Sub Editor
July 29, 2025 • 12:31 PM  1.1k
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साधु के वेश में छिपा था चिट्टा तस्कर, उज्जैन के महाकाल मंदिर से पुलिस ने दबोचा
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साधु के वेश में छिपा था चिट्टा तस्कर, उज्जैन के महाकाल मंदिर से पुलिस ने दबोचा

एक लंबे समय से फरार चल रहे चिट्टा तस्करी के आरोपी को आखिरकार हनुमानगढ़ पुलिस ने उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर से गिरफ्तार कर लिया। खास बात यह है कि यह आरोपी साधु के वेश में खुद को 'पूर्णराम अघोरी' बताकर मंदिर में पूजा-पाठ कर रहा था। इस सनसनीखेज मामले ने न केवल पुलिस की सतर्कता को उजागर किया, बल्कि यह भी दिखाया कि अपराधी अपनी पहचान छिपाने के लिए कितने हद तक जा सकते हैं।

दो साल से फरार था आरोपी

हनुमानगढ़ पुलिस अधीक्षक हरी शंकर ने बताया कि आरोपी पूर्णराम शर्मा उर्फ पूर्णराम अघोरी (40) पुत्र प्रेमसुख शर्मा, निवासी वार्ड नंबर 03, चक 26 जीबी, थाना विजयनगर, श्रीगंगानगर, को तकनीकी और मानवीय सूचनाओं के आधार पर उज्जैन से गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई हनुमानगढ़ टाउन थाना पुलिस ने की, जिसके थानाधिकारी सुभाषचंद्र ने मामले की पूरी जानकारी साझा की।

सुभाषचंद्र ने बताया कि 14 मार्च 2023 को हनुमानगढ़ टाउन पुलिस ने चिट्टा तस्करी के एक मामले में नवीन कुमार (निवासी चोहिलावाली), ताराचंद और सुरेंद्र कुमार उर्फ छिंद्रा को 115 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान इन आरोपियों ने खुलासा किया कि मादक पदार्थ पूर्णराम शर्मा से खरीदा गया था। इसके बाद पुलिस ने पूर्णराम को पकड़ने के लिए कई टीमें गठित कीं और उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की, लेकिन वह फरार हो गया।

साधु बनकर तीर्थ स्थलों में छिपा रहा

पुलिस के अनुसार, फरारी के बाद पूर्णराम ने अपनी पहचान छिपाने के लिए साधु का वेश धारण कर लिया और देश के विभिन्न तीर्थ स्थलों पर रहने लगा। वह उज्जैन के महाकाल मंदिर में 'पूर्णराम अघोरी' के नाम से पूजा-पाठ करता रहा। इसके अलावा, वह पश्चिम बंगाल के तारापीठ, असम के कामाख्या मंदिर (नीलांचल पर्वत), और वाराणसी के काल भैरव मंदिर में भी साधना के बहाने रहा। अंततः वह फिर से उज्जैन लौट आया, जहां वह महाकाल मंदिर में ही छिपा हुआ था।

पुलिस की सतर्कता से हुआ खुलासा

हनुमानगढ़ पुलिस की तत्परता और तकनीकी संसाधनों के उपयोग से पूर्णराम की लोकेशन का पता लगाया गया। थानाधिकारी सुभाषचंद्र ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस ने उज्जैन में सटीक कार्रवाई की और उसे धर दबोचा। पूर्णराम के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत पहले से दो मामले दर्ज हैं, और वह श्रीगंगानगर जिले में कई अन्य मामलों में भी वांछित था।

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