राजस्थान ग्रेड थर्ड टीचर भर्ती 2022 में फर्जी ताइक्वांडो सर्टिफिकेट घोटाला: 6 लाख में खरीदे प्रमाण पत्र, दुबई से फर्जी ईमेल, एसओजी ने 20 गिरफ्तार किए

राजस्थान की ग्रेड थर्ड टीचर भर्ती 2022 में खेल कोटे के तहत ताइक्वांडो के फर्जी सर्टिफिकेट बनवाकर नौकरी हासिल करने का बड़ा घोटाला सामने आया। मास्टरमाइंड विमलेंदु कुमार झा ने दुबई से फर्जी ईमेल आईडी (secreatarytaekwondoindia@gmail.com) बनाकर सत्यापन कराया। प्रत्येक कैंडिडेट ने 6 लाख रुपये दिए थे और स्टांप पर नहीं पकड़े जाने की गारंटी ली थी। एसओजी ने एक स्पेलिंग मिस्टेक ('secreatary') से क्लू पाकर जांच शुरू की, जिसमें 38 अभ्यर्थी शामिल पाए गए। अब तक 19 अभ्यर्थियों और सहयोगियों समेत 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। नियुक्तियां रोकी गईं और जांच जारी है, जिसमें ताइक्वांडो फेडरेशन की कमजोरियां भी उजागर हुईं।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
March 15, 2026 • 1:34 PM  8
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राजस्थान ग्रेड थर्ड टीचर भर्ती 2022 में फर्जी ताइक्वांडो सर्टिफिकेट घोटाला: 6 लाख में खरीदे प्रमाण पत्र, दुबई से फर्जी ईमेल, एसओजी ने 20 गिरफ्तार किए
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राजस्थान ग्रेड थर्ड टीचर भर्ती 2022 में फर्जी ताइक्वांडो सर्टिफिकेट घोटाला: 6 लाख में खरीदे प्रमाण पत्र, दुबई से फर्जी ईमेल, एसओजी ने 20 गिरफ्तार किए

राजस्थान में ग्रेड थर्ड टीचर भर्ती 2022 में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जहां खेल कोटे (उत्कृष्ट खिलाड़ी कोटा) के तहत ताइक्वांडो के फर्जी सर्टिफिकेट बनवाकर नौकरी हासिल करने की कोशिश की गई। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने इस घोटाले का पर्दाफाश किया, जिसमें 6-6 लाख रुपये देकर फर्जी प्रमाण पत्र खरीदे गए थे। मास्टरमाइंड ने स्टांप पेपर पर "नहीं पकड़े जाने की गारंटी" भी दी थी।

कैसे खुला राज? एक छोटी स्पेलिंग मिस्टेक से शुरू हुई जांच

यह पूरा खेल तब उजागर हुआ जब SOG को एक अज्ञात शिकायतकर्ता से ई-मेल मिला। इसमें पहले भेजे गए किसी मेल का स्क्रीनशॉट अटैच था। जांच में पता चला कि ताइक्वांडो फेडरेशन की आधिकारिक ई-मेल आईडी secretarytaekwondoindia@gmail.com है, लेकिन फर्जी मेल में स्पेलिंग गलती थी – secreatarytaekwondoindia@gmail.com (extra 'a' जोड़ा गया)।

एडीजी SOG विशाल बंसल ने बताया कि यह बेसिक स्पेलिंग मिस्टेक असली फेडरेशन की नहीं हो सकती थी। इस क्लू से टीम ने जांच शुरू की। गूगल से वेरिफिकेशन करवाया तो पता चला कि फर्जी आईडी दुबई से क्रिएट की गई थी। टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन से मोबाइल नंबर मिला, और फेडरेशन से असली पदाधिकारियों की सूची मंगवाई गई। विमलेंदु कुमार झा का नाम फेडरेशन में नहीं था, लेकिन वह इस आईडी का इस्तेमाल कर रहा था।

मास्टरमाइंड कौन? विमलेंदु कुमार झा का पूरा नेटवर्क

मास्टरमाइंड विमलेंदु कुमार झा (धनबाद, झारखंड का रहने वाला, मूल रूप से आगरा, उत्तर प्रदेश) को पहले गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि उसने 38 कैंडिडेट्स के लिए फर्जी ताइक्वांडो सर्टिफिकेट तैयार किए थे। इनमें से प्रत्येक कैंडिडेट ने 6 लाख रुपये दिए थे। सौदा ऐसा था कि अगर शिक्षा विभाग जांच कराए तो वेरिफिकेशन भी गिरोह के लोगों से ही करवाया जाएगा। कुछ कैंडिडेट्स ने स्टांप पेपर पर लिखित गारंटी भी ली कि कोई समस्या हुई तो जिम्मेदारी गिरोह की होगी।

विमलेंदु ने फर्जी ई-मेल से सर्टिफिकेट का सत्यापन भी करा दिया। असली फेडरेशन की कमजोरी का फायदा उठाया गया। गिरोह में दलाल, फर्जी सर्टिफिकेट बनाने वाले और दुबई से ई-मेल ऑपरेट करने वाले शामिल थे। विमलेंदु के खिलाफ पहले भी 4 मामले दर्ज हैं, और वह 100 से ज्यादा लोगों को फर्जी खेल प्रमाण पत्र देकर नौकरियां दिलवा चुका है (ज्यादातर राजस्थान की भर्तियों में)।

फर्जी वेरिफिकेशन कैसे हुआ?

प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने सत्यापन के लिए असली फेडरेशन की मेल आईडी पर डॉक्यूमेंट भेजे। लेकिन 15 दिन बाद फर्जी आईडी से सकारात्मक रिपोर्ट आ गई। शिक्षा विभाग ने अलग मेल से आने पर संदेह क्यों नहीं किया? यह बड़ा सवाल है। फेडरेशन को भी मेल मिला था, लेकिन उन्होंने राजस्थान शिक्षा विभाग को सूचित क्यों नहीं किया कि सर्टिफिकेट फर्जी हैं? SOG ने फेडरेशन से जांच शुरू की है और झारखंड टीम भेजी गई है।

गिरफ्तारियां और कार्रवाई

SOG ने 13 मार्च 2026 को राज्य के 14 जिलों और हरियाणा में एक जगह पर एक साथ रेड डाली। कुल 20 लोग गिरफ्तार हुए, जिनमें 19 अभ्यर्थी और एक सहयोगी शामिल हैं। गिरफ्तार अभ्यर्थियों के नाम:बबीता (चूरू),ज्योतिरादित्य (भीलवाड़ा),सीमा (झुंझुनूं),कविता भींचर (सीकर),बसंती (जयपुर),ममता कुमारी (सवाई माधोपुर),नरेन्द्र (नागौर),मुमताज (नागौर),भंवरलाल (जालोर),कविता (जोधपुर),एकता (चूरू),योगेंद्र (हनुमानगढ़),शिवकरण (श्रीगंगानगर),मांगीलाल (बीकानेर),भलाराम (बालोतरा),भजनलाल (जालोर),सुनील पालीवाल,महेंद्र पालीवाल,दुर्गाप्रसाद (फलोदी),सहयोगी: रवि शर्मा, गजानंद प्रजापत (जयपुर) आदि। SOG ने विमलेंदु और रवि शर्मा को पहले पकड़ा था।

भर्ती का बैकग्राउंड

ग्रेड थर्ड टीचर भर्ती 2022 में कुल 48 हजार पद थे। अक्टूबर 2024 में नियुक्ति आदेश जारी हुए थे। SOG को शिकायत मिलने पर 38 संदिग्ध अभ्यर्थियों की नियुक्ति पर रोक लगवा दी गई। अब 19 गिरफ्तार हो चुके हैं, और बाकी पर छापेमारी जारी है। ताइक्वांडो फेडरेशन (धनबाद) से जुड़े कुछ लोग भी शामिल हो सकते हैं, जांच जारी है।

Mohit Parihar

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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