लड़की बनने की चाहत में काटा अपना गुप्तांग: UPSC छात्र की पहचान की तलाश में चौंकाने वाला कदम, जानिए क्या किया

एक 20 वर्षीय UPSC छात्र ने जेंडर डिस्फोरिया के कारण गैर-पेशेवर सलाह पर अपना गुप्तांग काट लिया, जिसके बाद उसका इलाज चल रहा है। यह घटना समाज में जेंडर पहचान और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता की कमी को उजागर करती है।

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Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Sub Editor
September 13, 2025 • 6:57 PM  1.7k
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लड़की बनने की चाहत में काटा अपना गुप्तांग: UPSC छात्र की पहचान की तलाश में चौंकाने वाला कदम, जानिए क्या किया
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लड़की बनने की चाहत में काटा अपना गुप्तांग: UPSC छात्र की पहचान की तलाश में चौंकाने वाला कदम, जानिए क्या किया

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक 20 वर्षीय UPSC छात्र ने अपने किराए के कमरे में अपना गुप्तांग काट लिया, जिसने न केवल व्यक्तिगत मानसिक स्वास्थ्य और जेंडर पहचान के मुद्दों को उजागर किया, बल्कि समाज में जागरूकता और उचित चिकित्सा सहायता की कमी को भी रेखांकित किया। यह घटना जेंडर डिस्फोरिया (Gender Dysphoria) और गैर-पेशेवर सलाह के गंभीर परिणामों का एक दुखद उदाहरण है।

जेंडर पहचान को लेकर असमंजस का अनुभव किया

अमेठी के रहने वाले इस 20 वर्षीय छात्र, जो प्रयागराज में UPSC की तैयारी कर रहा था, ने बताया कि वह लंबे समय से अपने पुरुष शरीर के बावजूद लड़की जैसा महसूस करता था। उसने 14 साल की उम्र से अपनी जेंडर पहचान को लेकर असमंजस का अनुभव किया, लेकिन परिवार में इकलौता बेटा होने के कारण उसने अपनी भावनाओं को अपने माता-पिता से कभी साझा नहीं किया। अपनी जेंडर परिवर्तन की इच्छा को पूरा करने के लिए, उसने यूट्यूब पर जानकारी तलाशी और प्रयागराज के कटरा इलाके में एक गैर-पेशेवर व्यक्ति, जिसे स्थानीय भाषा में 'झोलाछाप डॉक्टर' कहा जाता है, से संपर्क किया।

इस गैर-पेशेवर व्यक्ति की सलाह पर छात्र ने मेडिकल स्टोर से एनेस्थीसिया का इंजेक्शन और सर्जिकल ब्लेड खरीदा। इसके बाद, उसने अपने किराए के कमरे में यह खतरनाक कदम उठाया। छात्र के अनुसार, एनेस्थीसिया के प्रभाव के दौरान उसे दर्द का एहसास नहीं हुआ, लेकिन जैसे ही इसका असर कम हुआ, असहनीय दर्द और भारी रक्तस्राव शुरू हो गया। शर्मिंदगी और झिझक के कारण उसने करीब एक घंटे तक किसी को इसकी जानकारी नहीं दी। जब दर्द असहनीय हो गया, तब उसने अपने मकान मालिक को बताया, जिन्होंने तुरंत एंबुलेंस बुलाकर उसे बेली अस्पताल में भर्ती कराया।

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