जालोर में पंचायत का तुगलकी फरमान: लिव-इन में रह रहे जोड़े के परिवार पर 21 लाख का जुर्माना, समाज से किया बहिष्कृत

राजस्थान के जालोर जिले में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे एक बालिग युवक-युवती के मामले में पंचायत ने उनके परिवार पर 21 लाख रुपये का जुर्माना लगाने और समाज से बहिष्कृत करने का फरमान सुनाया।

Kashish Sain
Kashish Sain Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
June 30, 2026 • 3:33 PM  4
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राजस्थान
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जालोर में पंचायत का तुगलकी फरमान: लिव-इन में रह रहे जोड़े के परिवार पर 21 लाख का जुर्माना, समाज से किया बहिष्कृत
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जालोर में पंचायत का तुगलकी फरमान: लिव-इन में रह रहे जोड़े के परिवार पर 21 लाख का जुर्माना, समाज से किया बहिष्कृत

राजस्थान के जालोर जिले में पंचायत के एक कथित तुगलकी फरमान का मामला सामने आया है। आरोप है कि लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे एक 22 वर्षीय युवक और 21 वर्षीय युवती के कारण पंचायत ने उनके परिवार पर 21 लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया। इतना ही नहीं, परिवार का सामाजिक बहिष्कार करते हुए हुक्का-पानी बंद कर दिया गया और धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होने पर भी रोक लगा दी गई।

पीड़ित परिवार के अनुसार, युवती का बाल विवाह हुआ था, लेकिन बालिग होने के बाद वर्ष 2024 में उसका तलाक हो गया। इसके बाद 1 नवंबर 2025 से वह अपनी मर्जी से समाज के ही एक युवक के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगी। परिवार का कहना है कि दोनों बालिग हैं और उनके इस फैसले पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं थी।

परिवार का आरोप है कि फरवरी 2026 में समाज के पंचों ने एक बैठक बुलाकर दोनों को अलग करने और युवती को उसके माता-पिता के घर भेजने के लिए दो महीने का समय दिया। तय समय पूरा होने के बाद 20 अप्रैल 2026 को दोबारा पंचायत बुलाई गई, जिसमें करीब 61 लोग मौजूद थे। इसी बैठक में परिवार पर 21 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया और समाज से बहिष्कार का फैसला सुनाया गया।

पीड़ित परिवार का कहना है कि पंचायत के इस फैसले के बाद समाज का कोई भी व्यक्ति उनसे बातचीत नहीं करता। उन्हें धार्मिक स्थलों और सामाजिक कार्यक्रमों में जाने से भी रोक दिया गया है। परिवार का दावा है कि 6 जून को जब वे एक रिश्तेदार के बारहवें में शामिल होने पहुंचे, तो उन्हें वहां से भी बाहर निकाल दिया गया।

परिवार ने 1 जून को सायला थाने में 11 लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पंचायत के डर के कारण इलाके में कोई भी उनके खिलाफ खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। कार्रवाई नहीं होने पर 29 जून को पीड़ित परिवार जालोर एसपी कार्यालय पहुंचा और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

जालोर के पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जांच सायला थाना प्रभारी महिपाल सिंह कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

Kashish Sain

Kashish Sain Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

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