धीरेंद्र शास्त्री ने अजमेर में दिया बड़ा बयान “हिंदुओं को चार बच्चे पैदा करने चाहिए, बेटियाँ शिक्षित हों — इंस्टाग्राम की नाचती‑गाती नहीं”

अजमेर के कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हिंदुओं को कम से कम चार बच्चे पैदा करने चाहिए। उन्होंने बेटियों को शिक्षित और सशक्त बनने पर जोर दिया — आईएएस‑आईपीएस, काली‑दुर्गा जैसी भूमिका निभाएँ, इंस्टाग्राम या नाच‑गाने में समय न गंवाएँ। उन्होंने धर्म पर गर्व करने और सनातनी संस्कृति बनाए रखने की सलाह दी।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
February 23, 2026 • 5:21 PM  16
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राजस्थान
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धीरेंद्र शास्त्री ने अजमेर में दिया बड़ा बयान “हिंदुओं को चार बच्चे पैदा करने चाहिए, बेटियाँ शिक्षित हों — इंस्टाग्राम की नाचती‑गाती नहीं”
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23 Feb 2026
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धीरेंद्र शास्त्री ने अजमेर में दिया बड़ा बयान “हिंदुओं को चार बच्चे पैदा करने चाहिए, बेटियाँ शिक्षित हों — इंस्टाग्राम की नाचती‑गाती नहीं”

अजमेर (राजस्थान) — बागेश्वर धाम के कथावाचक और पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने आज पुष्कर में आयोजित एक धार्मिक सभा में हिंदू समाज, पारिवारिक जीवन और युवाओं के बारे में एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अपने भाषण में कहा कि आज के समय में हिंदुओं को कम आबादी की चिंता है और इसे बढ़ाने के लिए हर परिवार में कम से कम चार बच्चे होने चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने बेटियों को सशक्त और शिक्षित बनाने पर ज़ोर दिया।

जनसंख्या तथा धर्म का मुद्दा

शास्त्री ने कहा कि हिंदुओं की घटती संख्या चिंता का विषय है और यदि सनातन संस्कृति की रक्षा करनी है तो आबादी संतुलन आवश्यक है। उन्होंने लोगों से सलाह दी कि “दो नहीं, चार बच्चे” होने चाहिए और अपनी धर्म‑परंपरा पर गर्व करना चाहिए। 

बेटियों के लिए संदेश

उन्होंने कहा कि बेटियाँ इंस्टाग्राम पर रील बनाकर समय बर्बाद करने के बजाय आईएएस‑आईपीएस जैसी परीक्षाओं में मजबूत भूमिका निभाएँ, या दुर्गा और काली के रूप में शक्ति का प्रतीक बनें — न कि केवल नाच‑गाने जैसे दिखावे के लिए। 

धर्मांतरण और संस्कृति पर विचार

शास्त्री ने धर्मांतरण को रोकने की भी बात रखी और युवाओं को अपनी सनातनी जड़ों और धर्म पर गर्व करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि दूसरों की परंपरा को न अपनाएँ बल्कि अपनी संस्कृति की पहचान बनाएँ।

व्यक्तिगत वक्तव्य

बयान के दौरान उन्होंने मज़ाकिया लहजे में कहा कि फिलहाल उनकी शादी नहीं हुई है, लेकिन शादी के बाद वे खुद भी हिन्दू आबादी बढ़ाने में योगदान देंगे। 

यह बयान राष्ट्रीय और सामाजिक स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि शास्त्री ने धर्म, जनसंख्या और युवा‑संस्कृति को जोड़कर अपनी राय रखी है। 

Basanti Parmar

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

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