इटावा में स्कूल वैन हादसा टायर फटने से अनियंत्रित हुई वैन, बोलेरो से टक्कर में 2 मासूमों की मौत, 12 घायल.....

इटावा (कोटा ग्रामीण) में शनिवार सुबह 132 केवी जीएसएस के पास जॉय एंड हैप्पीनेस स्कूल की वैन का टायर फटने से अनियंत्रित होकर बोलेरो जीप से भिड़ंत हो गई। हादसे में दो छात्राएँ पारुल (कक्षा 4) और तनु नागर (कक्षा 10) की मौके पर मौत, 12 बच्चे घायल — जिनमें 3 गंभीर, 7 कोटा रेफर। प्रारंभिक जांच में टायर फटना मुख्य कारण। पुलिस-प्रशासन सक्रिय, घायलों का इलाज जारी।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
November 1, 2025 • 11:37 AM  197
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राजस्थान
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इटावा में स्कूल वैन हादसा टायर फटने से अनियंत्रित हुई वैन, बोलेरो से टक्कर में 2 मासूमों की मौत, 12 घायल.....
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1 Nov 2025
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इटावा में स्कूल वैन हादसा टायर फटने से अनियंत्रित हुई वैन, बोलेरो से टक्कर में 2 मासूमों की मौत, 12 घायल.....

कोटा ग्रामीण/इटावा, 1 नवंबर 2025:राजस्थान के कोटा जिले के इटावा कस्बे में शनिवार सुबह एक ऐसा भयावह सड़क हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को शोक की लहर में डुबो दिया। 132 केवी ग्रिड सब स्टेशन (जीएसएस) के ठीक पास, एक प्राइवेट स्कूल की वैन और एक बोलेरो जीप के बीच हुई आमने-सामने की खतरनाक टक्कर ने दो मासूम छात्राओं की जिंदगी छीन ली। हादसे में वैन में सवार 12 अन्य बच्चे भी बुरी तरह घायल हो गए, जिनमें से तीन की हालत नाजुक बनी हुई है। घायलों को फौरन इटावा के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने सात गंभीर बच्चों को उच्च चिकित्सा सुविधा के लिए कोटा के एमबीएस अस्पताल रेफर कर दिया। यह हादसा न सिर्फ सड़क सुरक्षा की पोल खोल रहा है, बल्कि स्कूलों की लापरवाही पर भी सवाल खड़े कर रहा है।

हादसे की अमानवीय तस्वीर: मासूमों का खून बहता देख रो पड़े लोग

जानकारी के अनुसार, जॉय एंड हैप्पीनेस प्राइवेट स्कूल की यह वैन रोज की तरह शनिवार सुबह करीब 8 बजे इलाके के विभिन्न गांवों से बच्चों को स्कूल लेकर जा रही थी। अचानक 132 केवी जीएसएस के पास एक जोरदार धमाके जैसी आवाज आई—वैन का पिछला टायर फट गया! ड्राइवर का नियंत्रण ढीला पड़ा और वैन तेजी से अनियंत्रित होकर सामने से आ रही बोलेरो जीप से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वैन का अगला हिस्सा चूर-चूर हो गया, सीटें उखड़ गईं और कई बच्चे हवा में उछलकर करीब 20 फीट दूर सड़क पर जा गिरे। मौके पर ही खून से लथपथ दो मासूम छात्राओं ने दम तोड़ दिया। मृतक छात्राओं की पहचान पारुल (कक्षा 4) और तनु नागर (कक्षा 10) के रूप में हुई है। पारुल एक गरीब किसान परिवार की इकलौती संतान थी, जो पढ़ाई में अव्वल थी और अपने सपनों की उड़ान भरने वाली थी। वहीं, तनु 10वीं कक्षा की होनहार छात्रा थी, जिसका सपना डॉक्टर बनना था। हादसे की खबर मिलते ही उनके परिजन इटावा अस्पताल पहुंचे, तो वहां का मंजर देखकर किसी का भी कलेजा मुनहस हो जाए। मां-बाप जमीन पर लोट-पोट होकर रो रहे थे, बहनें चीख रही थीं और भाई सदमे से बोल ही नहीं पा रहे थे। अस्पताल के गलियारों में परिजनों की चीख-पुकार से पूरा माहौल गमगीन हो गया। एक परिजन ने आंसू भरी आंखों से कहा, "हमारी तो दुनिया ही उजड़ गई... ये बच्चियां हमारा भविष्य थीं।"

'हादसे के चश्मदीद विजय बहादुर ने बताया, "सुबह का समय था, सड़क पर हल्का ट्रैफिक था। वैन बच्चों से भरी तेज चल रही थी, तभी एक जोरदार 'धड़ाम' की आवाज आई—जैसे कोई बम फटा हो। वैन का टायर फट गया और वह सांप की तरह सड़क पर लहराने लगी। ड्राइवर ने ब्रेक मारा, लेकिन वैन बोलेरो से सीधे भिड़ गई। बच्चे चीखने लगे, कई तो वैन से बाहर गिर पड़े। मैंने दौड़कर मदद की, लेकिन दो लड़कियां तो पहले ही चली गई थीं।" स्थानीय ग्रामीणों ने फौरन एम्बुलेंस बुलाई और घायलों को कंधों पर लादकर अस्पताल पहुंचाया। अगर उनकी तत्परता न होती, तो शायद और जानें जा सकती थीं।

बोलेरो में सवार लोगों को भी चोटें

हादसे में बोलेरो जीप में सवार चार लोग भी बाल-बाल बच गए। चालक सहित सभी को मामूली चोटें आईं, जिनका इलाज इटावा अस्पताल में ही चल रहा है। बोलेरो चालक ने बताया कि वह सुल्तानपुर की ओर जा रहा था, जब अचानक वैन सामने आ गई। "मैंने हॉर्न बजाया, लेकिन टक्कर टल न सकी। बच्चे देखकर दिल दुखा।"

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई: जांच में टायर फटना मुख्य वजह

सूचना मिलते ही कोटा ग्रामीण के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (डीएसपी) शुभम जोशी और इटावा थाना प्रभारी अपनी टीमों के साथ मौके पर पहुंचे। डीएसपी जोशी ने बताया, "हादसे में प्राथमिकता घायल बच्चों के इलाज को दी जा रही है। प्रारंभिक जांच में वैन का टायर फटना मुख्य कारण सामने आया है। वाहनों को सीज कर लिया गया है और फॉरेंसिक टीम बुलाई गई है। ड्राइवर का मेडिकल टेस्ट भी कराया जाएगा। अगर लापरवाही पाई गई, तो स्कूल प्रबंधन और ड्राइवर के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।" पुलिस ने पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है, जिसमें मुआवजे की सिफारिश भी शामिल है।

इलाज का अपडेट: तीन बच्चों की हालत गंभीर, कोटा में भर्ती

इटावा अस्पताल के चिकित्सक डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि 12 घायल बच्चों में से पांच को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। शेष सात को कोटा रेफर किया गया, जहां आईसीयू में रखा गया है। तीन बच्चों—दो लड़कियां और एक लड़का—की हालत चिंताजनक है। इन्हें सिर और छाती में गंभीर चोटें आई हैं। कोटा के एमबीएस अस्पताल के सुपरिंटेंडेंट ने कहा, "हम पूरी कोशिश कर रहे हैं। ब्लड ट्रांसफ्यूजन और सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है।" जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवारों के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किया है।

व्यापक चिंता: स्कूल वाहनों की सुरक्षा पर सवालों का सिलसिला

यह हादसा राजस्थान में स्कूल वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि पुराने टायरों का इस्तेमाल, ड्राइवरों की ट्रेनिंग की कमी और ओवरलोडिंग आम समस्याएं हैं। कोटा जिला कलेक्टर ने बैठक बुलाई है, जिसमें सभी प्राइवेट स्कूलों को वाहनों की जांच कराने का निर्देश दिया गया है। एक एनजीओ कार्यकर्ता ने कहा, "ये बच्चे देश का भविष्य हैं। ऐसे हादसों को रोकने के लिए सख्त कानून और नियमित चेकअप जरूरी हैं।"इटावा का यह काला दिन न सिर्फ दो परिवारों का दुख है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक सबक। प्रशासन से उम्मीद है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो और भविष्य में ऐसे त्रासदियां न हों। घायल बच्चों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना के साथ...। 

Basanti Parmar

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

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