गुजरात: डॉक्टर ने बुखार से तड़पते बच्चे का इलाज ठुकराया, स्वास्थ्य मंत्री ने मांगी सख्त जांच

अहमदाबाद स्थित सिविल अस्पताल में एक रेजिडेंट डॉक्टर ने बुखार और सांस फूलने की शिकायत वाली एक मासूम बच्ची का इलाज करने से साफ मना कर दिया। डॉक्टर के कथित तीखे बर्ताव का वीडियो सोशल मीडिया पर फैल गया, जिसके बाद गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री ने तुरंत उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए। दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई का वादा किया गया है।

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Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Sub Editor
October 27, 2025 • 7:40 PM  691
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गुजरात: डॉक्टर ने बुखार से तड़पते बच्चे का इलाज ठुकराया, स्वास्थ्य मंत्री ने मांगी सख्त जांच
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गुजरात: डॉक्टर ने बुखार से तड़पते बच्चे का इलाज ठुकराया, स्वास्थ्य मंत्री ने मांगी सख्त जांच
यह मामला रविवार की देर शाम अहमदाबाद के सिविल अस्पताल के बच्चों के विभाग में सामने आया। अजय चावड़ा नामक व्यक्ति अपनी भतीजी को, जो तेज ज्वर से परेशान थी और सांस लेने में दिक्कत महसूस कर रही थी, इलाज के लिए लेकर पहुंचा। अस्पताल में डॉक्टर न मिलने पर इंतजार के बाद एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर आईं। उन्होंने बच्ची के कपड़ों के ऊपर ही तापमान नापने पर नाराजगी जाहिर की। चावड़ा के मुताबिक, डॉक्टर ने सख्त लहजे में टोका, "ये आपकी बेटी है, क्या आपको तरीका नहीं पता?" जब चावड़ा ने शांतिपूर्वक बात करने को कहा, तो डॉक्टर ने कहा, "मेरा अंदाज यही है।"
डॉक्टर के बर्ताव ने मचाया बवाल
विवाद तब और भड़का जब चावड़ा ने पूरा वाकया मोबाइल पर रिकॉर्ड किया। परिवार का दावा है कि डॉक्टर ने उनका फोन छीन लिया, जिससे चावड़ा का हाथ जख्मी हो गया। इतना ही नहीं, डॉक्टर ने चावड़ा के भाई को भी धक्का दिया। सबसे दर्दनाक यह था कि डॉक्टर ने बच्ची को देखने से इंकार कर दिया और बोलीं, "कहीं भी चले जाओ, यहां तक कि बड़े अफसरों के पास भी।" यह वीडियो ऑनलाइन वायरल होते ही लोगों में गुस्सा भड़क गया। डॉक्टर का कहना है कि परिवार ने पहले उन पर दबाव डाला। वे मानसिक तनाव से जूझ रही हैं और इसी वजह से ऐसा हो गया।
परिवार का दर्द और मदद की गुहार
परेशान परिवार ने अस्पताल के प्रमुख डॉक्टर से शिकायत की। उन्होंने बीच में आकर बच्ची को दवा दिलाई, लेकिन कथित रूप से वीडियो हटाने की सलाह दी ताकि माहौल शांत हो। चावड़ा ने बताया कि डॉक्टर के रवैये से वे हिल गए और बच्ची की हालत गंभीर लग रही थी। यह घटना सरकारी दवाखानों में मरीजों के हक और डॉक्टरों की परेशानियों पर सवाल खड़े कर रही है
मंत्री का फौरी कदम
वीडियो वायरल होने पर गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पंसेरिया ने स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख को पारदर्शी जांच का आदेश दिया। उन्होंने कहा, "अगर स्टाफ की गलती सामने आई, तो सख्त सजा दी जाएगी।" यह फैसला मरीजों की देखभाल और स्वास्थ्य व्यवस्था की भरोसेमंदी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है।
जांच टीम बनी, आगे क्या?
अस्पताल की अधीक्षक डॉ. दीपिका सिंघल ने तीन सदस्यों वाली टीम बनाई है, जिसकी अगुवाई वे करेंगी। टीम कैमरा रिकॉर्डिंग चेक करेगी और दोनों तरफ की बातें सुनेगी। डॉक्टर को अस्थायी तौर पर दूसरे विभाग में भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने पर फैसला होगा। यह वाकया डॉक्टरों के बोझ, तनाव और मरीजों के सम्मान जैसे मुद्दों पर चर्चा को जन्म दे रहा है।

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