‘दिमागी नक्सल समाज को भटका रहे’: लाल किले की प्राचीर से पीएम मोदी की दो टूक, विकसित भारत 2047 का दिया रोडमैप
लाल किले से पीएम मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर 'दिमागी नक्सलियों' को अलग-थलग करने का आह्वान किया। 1 करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग, महिला आरक्षण और 'शक्ति की सप्तधारा' समेत भाषण की 10 बड़ी बातें पढ़ें।
kratika Jethwani Sub Editor
August 15, 2026 • 1:13 PM | भारत 1
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15 Aug 2026
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देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार तिरंगा फहराया। अपने 76 मिनट के ओजस्वी संबोधन में प्रधानमंत्री ने देश की आंतरिक सुरक्षा, युवाओं के भविष्य और आर्थिक रोडमैप को लेकर कई अहम बातें सामने रखीं। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश से हथियारबंद नक्सलवाद लगभग समाप्त हो चुका है, लेकिन अब 'दिमागी नक्सल' समाज को भटकाने और अराजकता फैलाने की ताक में हैं। उन्होंने देशवासियों से ऐसे तत्वों को पहचानने और उन्हें अलग-थलग करने का आह्वान किया।
‘दिमागी नक्सल’ समाज को भटका रहे: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने आंतरिक सुरक्षा और सामाजिक ताने-बाने पर बात करते हुए कहा:
"हमने नक्सलवाद खत्म करने का संकल्प लिया था और आज नक्सल प्रभावित क्षेत्र विकास की राह पर हैं। लेकिन हथियारबंद नक्सल तो चले गए, दिमागी नक्सल अब भी मौके की तलाश में हैं। वे समाज को गलत दिशा में ले जाने और हिंसा के रास्ते तलाशने का प्रयास कर रहे हैं। हमें इन दिमागी नक्सलियों को पहचानना होगा, उन्हें समाज से अलग-थलग करना होगा और देश की युवा पीढ़ी को विकसित भारत के संकल्प से जोड़ना होगा।"
युवाओं के लिए बड़े ऐलान: 1 करोड़ को AI स्किल्स और फ्री कोचिंग
विकसित भारत 2047 के निर्माण में युवाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने दो प्रमुख घोषणाएं कीं:
1 करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग: अगले एक साल के भीतर देश के 1 करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्किल्स की ट्रेनिंग दी जाएगी।
मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग: गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के छात्र-छात्राओं के लिए विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की खातिर फ्री ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था शुरू की जाएगी।
'शक्ति की सप्तधारा': अगले 5-7 साल का विकास मॉडल
प्रधानमंत्री ने देश के समग्र विकास और आत्मनिर्भरता के लिए 'सप्तधारा' विजन प्रस्तुत किया:
मैन्युफैक्चरिंग हब: छोटे पुर्जों से लेकर बड़े उपकरणों तक का निर्माण देश में होगा, जिसमें क्वालिटी के साथ कोई समझौता नहीं होगा।
किसान व फूड प्रोसेसिंग: भारतीय खान-पान, फल-फूल और मसालों को वैश्विक स्तर पर ब्रांड बनाना।
टेक्नोलॉजी व इनोवेशन: डेटा सेंटर, AI, क्वांटम तकनीक और सेमीकंडक्टर निर्माण में आत्मनिर्भरता।
गति शक्ति: शहरों में मेट्रो विस्तार, पोर्ट-लैंड डेवलपमेंट और हाई-स्पीड कनेक्टिविटी।
रक्षा शक्ति: साइबर सुरक्षा और रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर भारत।
ग्रीन व ब्लू इकोनॉमी: रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन और तटीय अर्थव्यवस्था (कोस्टल टूरिज्म व फिशरीज) का विस्तार।
सॉफ्ट पावर: योग, आयुर्वेद, गेमिंग, VFX, एनिमेशन और भारतीय सिनेमा को वैश्विक पहचान दिलाना।
महिला आरक्षण पर दलों से अपील
महिलाओं की भागीदारी पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि लोकसभा और विधानसभाओं में माताओं-बहनों को 33% आरक्षण मिलना समय की मांग है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे इस मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय आगे आएं, भले ही इसका श्रेय लें, लेकिन महिलाओं को उनका हक जरूर दें।
12 साल की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड
ऐतिहासिक पल: 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पूरे होने पर विशेष प्रस्तुति दी गई।
गरीबी उन्मूलन व अर्थव्यवस्था: बीते 12 वर्षों में 25 करोड़ नागरिक गरीबी से बाहर निकले हैं और भारत सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना है।
ऊर्जा व इंफ्रास्ट्रक्चर: रेलवे का 70% विद्युतीकरण पूरा हुआ, देश में 3 सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू हुए और सौर ऊर्जा क्षमता 2 गीगावॉट से बढ़कर 160 गीगावॉट तक पहुंच गई है।