भारत-इंग्लैंड सेनाओं का संयुक्त युद्धाभ्यास: 'अजय वारियर' का 8वां संस्करण महाजन रेंज में 17 नवंबर से

भारत और ब्रिटेन की सेनाएं 17 नवंबर से महाजन रेंज में 'अजय वारियर' का 8वां संस्करण शुरू करेंगी। दोनों देशों के सैनिक अपने हथियारों के साथ रेगिस्तानी युद्ध तकनीकों का अभ्यास करेंगे।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
November 15, 2025 • 1:28 PM  55
राजस्थान
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भारत-इंग्लैंड सेनाओं का संयुक्त युद्धाभ्यास: 'अजय वारियर' का 8वां संस्करण महाजन रेंज में 17 नवंबर से
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भारत-इंग्लैंड सेनाओं का संयुक्त युद्धाभ्यास: 'अजय वारियर' का 8वां संस्करण महाजन रेंज में 17 नवंबर से

बीकानेर, 15 नवंबर 2025: भारत और यूनाइटेड किंगडम (इंग्लैंड) की सेनाओं के बीच द्विपक्षीय सैन्य सहयोग को मजबूत करने वाला एक और महत्वपूर्ण कदम उठने वाला है। पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर जिले स्थित महाजन फील्ड फायरिंग रेंज (एमएफएफआर) में दोनों देशों के सैनिक अपने-अपने आधुनिक हथियारों और उपकरणों के साथ संयुक्त युद्धाभ्यास में हिस्सा लेंगे। यह अभ्यास 'अजय वारियर' (Ajay Warrior) नामक संयुक्त सैन्य अभ्यास का आठवां संस्करण होगा, जो 17 नवंबर 2025 से शुरू होकर अगले कुछ दिनों तक चलेगा। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य दोनों सेनाओं के बीच सामरिक समझ, अंतरसंचालन क्षमता (interoperability) और आधुनिक युद्ध तकनीकों का आदान-प्रदान करना है।

अभ्यास की शुरुआत और अवधि:   'अजय वारियर' का यह आठवां संस्करण सोमवार, 17 नवंबर को महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में औपचारिक रूप से आरंभ होगा। अभ्यास की अवधि लगभग एक सप्ताह की बताई जा रही है, जिसमें दोनों देशों के सैनिक विभिन्न परिदृश्यों पर आधारित युद्ध ड्रिल, फायरिंग अभ्यास और सामरिक योजनाओं पर काम करेंगे। महाजन रेंज, जो भारतीय सेना की सबसे बड़ी फील्ड फायरिंग रेंजों में से एक है, अपनी विशालता और उन्नत सुविधाओं के कारण ऐसे संयुक्त अभ्यासों के लिए आदर्श स्थान मानी जाती है। यहां रेगिस्तानी इलाके में टैंक, तोपखाने और पैदल सेना के संयुक्त अभ्यास आसानी से किए जा सकते हैं।भारतीय सेना की ओर से राजस्थान के चूरू स्थित 11वीं इन्फैंट्री ब्रिगेड के तहत 300 से अधिक सैनिक हिस्सा लेंगे, जबकि ब्रिटिश आर्मी की ओर से 250 सैनिक अपनी यूनिट के साथ पहुंचेंगे। दोनों पक्ष अपने देशों के मूल हथियारों और उपकरणों का उपयोग करेंगे, जैसे भारत की ओर से इंसास राइफल, अकी-81, टाटा के लाइट आर्मर्ड व्हीकल्स और ब्रिटिश पक्ष से SA-80 राइफल, वॉरियर इन्फैंट्री फाइटिंग व्हीकल्स। यह व्यवस्था दोनों सेनाओं को एक-दूसरे की तकनीकी क्षमताओं से परिचित कराने में मदद करेगी।

अभ्यास के प्रमुख गतिविधियां;  अभ्यास के दौरान सैनिक विभिन्न जटिल परिदृश्यों पर काम करेंगे, जिनमें शामिल हैं:सामरिक युद्ध ड्रिल: रेगिस्तानी इलाके में हमला, बचाव और घेराबंदी की रणनीतियां।संयुक्त फायरिंग अभ्यास: लाइव फायरिंग सेशन, जहां दोनों सेनाएं अपने हथियारों से निशाना साधेंगी।तकनीकी आदान-प्रदान: साइबर वारफेयर, ड्रोन ऑपरेशन और नाइट विजन उपकरणों पर प्रशिक्षण।शांति स्थापना मिशन: संयुक्त राष्ट्र शांति सेना जैसे परिदृश्यों में सहयोग।

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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