क्या कुर्सी गंवाएंगे शिक्षा मंत्री? CJP की गुप्त मीटिंग के बाद मची हलचल!
नीट (NEET) और राष्ट्रीय परीक्षाओं में धांधली के गंभीर आरोपों को लेकर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर भारी बवाल मचा रखा है। हज़ारों छात्रों के साथ प्रदर्शन कर रही CJP की सिर्फ एक ही सबसे बड़ी मांग है—"केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तुरंत इस्तीफा!" पीएम मोदी द्वारा फास्ट-ट्रैक कोर्ट और कड़े नियमों का आश्वासन दिए जाने के बावजूद, प्रदर्शनकारियों ने इसे ध्यान भटकाने वाली कोशिश बताकर खारिज कर दिया है और पीड़ित परिवारों के लिए ₹1 करोड़ के मुआवजे पर अड़े हुए हैं। दिल्ली में भारी पुलिस बल, बैरिकेडिंग और वाटर कैनन के बावजूद आंदोलनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। अब सबसे बड़ा सस्पेंस यह है कि क्या केंद्र सरकार अपने मंत्री का बचाव करती रहेगी, या फिर देशव्यापी होते इस छात्र आंदोलन के चौतरफा दबाव के आगे सरकार को यह बड़ी विकेट गिरानी पड़ेगी?
"जब लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लग जाए, तो सड़कें खामोश नहीं रहतीं!"
राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर इन दिनों ज़बरदस्त हंगामा मचा हुआ है। परीक्षा में धांधली और पेपर लीक विवाद को लेकर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के कार्यकर्ताओं और देश भर से आए छात्रों ने मोर्चा खोल रखा है। आंदोलनकारियों की केवल एक ही सबसे बड़ी और सख्त मांग है "केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें।" लेकिन आखिर क्यों यह पार्टी सरकार के हर प्रस्ताव को ठुकरा कर सिर्फ इस्तीफे की जिद पर अड़ी है? क्या पीएम मोदी के नए वादों के बाद यह विवाद थमेगा या और भड़केगा? आइए, आसान और चटपटी भाषा में समझते हैं पूरी बात!
1. जंतर-मंतर से संसद तक: क्यों भड़का छात्रों का गुस्सा?
NEET और अन्य राष्ट्रीय परीक्षाओं में हुई कथित धांधली को लेकर CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके, प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरभ दास के नेतृत्व में दिल्ली में बड़ा आंदोलन शुरू हुआ।