परिवार की मर्यादा तार-तार: सगे छोटे भाइयों की पत्नियों से दुष्कर्म और प्रयास, जेठ को 10 साल की सजा, मां ने बेटे के खिलाफ दी गवाही

जोधपुर में सगे जेठ ने छोटे भाई की पत्नी से रेप किया और दूसरे बहू से रेप की कोशिश की। पोक्सो कोर्ट ने दोषी को 10 साल की सजा और 85 हजार जुर्माना लगाया। आरोपी की मां ने बेटे के खिलाफ गवाही देकर साहस दिखाया। कोर्ट ने मनुस्मृति और रामचरितमानस के श्लोकों का हवाला देते हुए कहा - बिना दंड के समाज में मत्स्य न्याय फैलेगा।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
April 7, 2026 • 12:17 PM  21
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परिवार की मर्यादा तार-तार: सगे छोटे भाइयों की पत्नियों से दुष्कर्म और प्रयास, जेठ को 10 साल की सजा, मां ने बेटे के खिलाफ दी गवाही
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7 Apr 2026
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परिवार की मर्यादा तार-तार: सगे छोटे भाइयों की पत्नियों से दुष्कर्म और प्रयास, जेठ को 10 साल की सजा, मां ने बेटे के खिलाफ दी गवाही

जोधपुर जिले में रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक 52 वर्षीय व्यक्ति ने अपने सगे छोटे भाई की पत्नी के साथ दुष्कर्म किया, जबकि दूसरे छोटे भाई की पत्नी के साथ दुष्कर्म की कोशिश की। विशेष न्यायालय (पोक्सो कोर्ट) ने सोमवार, 6 अप्रैल 2026 को आरोपी को कुल 10 साल के कठोर कारावास और 85,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। इस मामले में आरोपी की मां ने पुत्रमोह त्यागकर सत्य के पक्ष में गवाही देकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मामला क्या था?

मामला वर्ष 2021 का है। आरोपी पीपाड़ शहर के एक गांव का रहने वाला 52 वर्षीय व्यक्ति है, जो पीड़िताओं का सगा जेठ (बड़े भाई का पति) था।

पहली घटना (10 मार्च 2021): दोपहर करीब ढाई बजे पहली पीड़िता खेत में बनी ढाणी से शौच के लिए बाहर गई थी। तभी आरोपी ने पीछे से आकर उसे दबोच लिया और दुष्कर्म कर दिया। चूंकि आरोपी रिश्ते में जेठ था, इसलिए पीड़िता ने लोकलाज के डर से किसी को कुछ नहीं बताया। इस चुप्पी का फायदा उठाकर आरोपी के हौसले बढ़ गए।

दूसरी घटना (4 जुलाई 2021): चार महीने बाद, रात के समय दूसरी पीड़िता अपनी सास (आरोपी की मां) के पास सो रही थी। आरोपी वहां पहुंचा और उसके साथ दुष्कर्म की कोशिश करने लगा। पीड़िता के चीखने पर सास ने तुरंत हस्तक्षेप किया, जिससे आरोपी घबरा कर भाग गया।इस घटना के बाद 6 जुलाई 2021 को पीपाड़ शहर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई।

कोर्ट का फैसला और तर्क

जोधपुर के विशेष न्यायालय (पोक्सो कोर्ट) के पीठासीन न्यायाधीश डॉ. दुष्यंत दत्त ने 54 पन्नों के विस्तृत फैसले में आरोपी को दोषी करार दिया। कोर्ट ने कहा कि बिना दंड के समाज में अराजकता फैल जाएगी और मत्स्य-न्याय (बड़ी मछली छोटी को खा जाए) व्याप्त हो जाएगा।

जज ने फैसले में श्रीरामचरितमानस, मनुस्मृति और बृहस्पति-स्मृति के श्लोकों का विस्तार से हवाला दिया। मनुस्मृति से उद्धृत करते हुए लिखा:

“दण्डः शास्ति प्रजाः सर्वाः दण्ड एवाभिरक्षति”(अर्थात् दंड ही समस्त प्रजा पर शासन करता है और उसकी रक्षा करता है)।

कोर्ट ने आगे कहा कि जो व्यक्ति अपने भाई की पत्नी पर कुदृष्टि डालता है, वह अत्यंत दुष्ट है। पारिवारिक मर्यादा को तार-तार करने वाले ऐसे अपराध को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

सजा का विवरण

कोर्ट ने आरोपी को निम्न धाराओं में सजा सुनाई (सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी):धारा 376(2)(एफ) IPC (दुष्कर्म) → 10 वर्ष कठोर कारावास + 50,000 रुपये जुर्माना, धारा 354 IPC (लज्जा भंग) → 3 वर्ष कठोर कारावास + 10,000 रुपये जुर्माना, धारा 376 पढ़कर 511 IPC (दुष्कर्म का प्रयास) → 5 वर्ष कठोर कारावास + 25,000 रुपये जुर्माना,कुल जुर्माना: 85,000 रुपये

कोर्ट ने दोनों पीड़िताओं को तुरंत मुआवजा दिलाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को अनुशंसा भी की।

मां की साहसिक गवाही

इस मामले की सबसे अहम गवाह आरोपी की अपनी मां थी। सरकारी वकील नरपत चौधरी ने बताया कि कोर्ट में कुल 12 मौखिक और 15 दस्तावेजी सबूत पेश किए गए। मां ने सशपथ बयान में स्वीकार किया कि उसका बेटा शराबी और आदतन अपराधी है।कोर्ट ने मां की गवाही की सराहना करते हुए कहा कि मां प्रकृति की एकमात्र ऐसी प्राणी है जो बच्चों की ढाल बनती है, लेकिन जब बेटा पशुवत व्यवहार करने लगे तो मां ने अपनी कोख से जन्मे बेटे के खिलाफ सत्य और धर्म के पक्ष में अडिग रहकर गवाही दी। पुत्रमोह से ऊपर उठकर मां का यह कदम सराहनीय है।

कोर्ट का संदेश

न्यायाधीश डॉ. दुष्यंत दत्त ने स्पष्ट किया कि परिवार के अंदर ऐसे घृणित अपराध समाज की नींव को हिला देते हैं। बिना सख्त दंड के अपराधी का हौसला बढ़ता है और समाज में अराजकता फैलती है। लोकलाज के डर से चुप रहने वाली महिलाओं को भी न्याय मिलना चाहिए।

Mohit Parihar

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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