जोधपुर में ऑनलाइन गेमिंग का खतरनाक जाल, राजेंद्र प्रजापत कैसे बने 23 लाख की ठगी का शिकार?

जोधपुर के सरहद गंगानी निवासी राजेंद्र प्रजापत को ऑनलाइन निवेश के नाम पर 23 लाख रुपये की ठगी का शिकार बनाया गया। अज्ञात ठगों ने आकर्षक रिटर्न का लालच देकर उन्हें फर्जी निवेश योजना में फंसाया। पीड़ित ने करवड़ थाने में दो शिकायतें दर्ज कराईं, और पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
July 11, 2025 • 10:31 AM  72
क
क्राइम
NEWS CARD
Logo
जोधपुर में ऑनलाइन गेमिंग का खतरनाक जाल, राजेंद्र प्रजापत कैसे बने 23 लाख की ठगी का शिकार?
“जोधपुर में ऑनलाइन गेमिंग का खतरनाक जाल, राजेंद्र प्रजापत कैसे बने 23 लाख की ठगी का शिकार?”
Favicon
Read more onthekhatak.com
11 Jul 2025
https://thekhatak.com/jodhpur-online-gaming-fraud-rajendra-prajapat-23-lakh-scam
Google News
Copied
जोधपुर में ऑनलाइन गेमिंग का खतरनाक जाल, राजेंद्र प्रजापत कैसे बने 23 लाख की ठगी का शिकार?

जोधपुर, 11 जुलाई 2025: राजस्थान के जोधपुर शहर में ऑनलाइन निवेश के नाम पर ठगी का एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। सरहद गंगानी क्षेत्र के निवासी राजेंद्र प्रजापत को अज्ञात ठगों ने 23 लाख रुपये का चूना लगाया। इस धोखाधड़ी के खिलाफ पीड़ित ने करवड़ थाने में दो अलग-अलग रिपोर्ट दर्ज कराई हैं, और पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

कैसे हुई ठगी?

पुलिस सूत्रों के अनुसार, राजेंद्र प्रजापत को ऑनलाइन निवेश के नाम पर आकर्षक रिटर्न का लालच दिया गया। ठगों ने संभवतः सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, जैसे टेलीग्राम या व्हाट्सएप, के जरिए पीड़ित को अपने जाल में फंसाया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, ठगों ने राजेंद्र को उच्च मुनाफे का वादा कर एक फर्जी निवेश योजना में पैसा लगाने के लिए उकसाया। पीड़ित ने विश्वास में आकर 23 लाख रुपये की बड़ी राशि का निवेश कर दिया, लेकिन जब रिटर्न निकालने का समय आया, तो ठग गायब हो गए और न ही निवेश की राशि वापस मिली।

पुलिस की कार्रवाई

करवड़ थाने में राजेंद्र प्रजापत की शिकायत पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी और विश्वासघात का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है और संदिग्धों की तलाश में साइबर क्राइम सेल की मदद ली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ठगों ने किन डिजिटल माध्यमों और बैंक खातों का उपयोग किया। जोधपुर के पुलिस आयुक्त ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जनता से सतर्क रहने की अपील की है।

साइबर ठगी का बढ़ता खतरा

जोधपुर में हाल के महीनों में ऑनलाइन ठगी के मामले तेजी से बढ़े हैं। ठग लोग अक्सर आकर्षक निवेश योजनाओं, शेयर मार्केट में मुनाफे, या क्रिप्टोकरेंसी में तगड़े रिटर्न का लालच देकर लोगों को ठग रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे ठग फर्जी ऐप्स, वेबसाइट्स और सोशल मीडिया ग्रुप्स का सहारा लेते हैं। हाल ही में, जोधपुर में साइबर अपराधियों द्वारा कई अन्य लोगों को भी निशाना बनाया गया है, जिसमें लाखों रुपये की ठगी की खबरें सामने आई हैं।

 पुलिस की सलाह

जोधपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनजान व्यक्तियों या ऑनलाइन ग्रुप्स द्वारा दिए गए निवेश के प्रस्तावों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। कोई भी निवेश करने से पहले कंपनी की विश्वसनीयता, लाइसेंस और पंजीकरण की जांच करें। साथ ही, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम सेल को दें।

पीड़ित का दर्द

राजेंद्र प्रजापत ने बताया कि यह राशि उनकी जिंदगी भर की मेहनत की कमाई थी। ठगी का शिकार होने के बाद वे मानसिक और आर्थिक रूप से टूट चुके हैं। उन्होंने अन्य लोगों से सतर्क रहने की गुहार लगाई है ताकि कोई और इस तरह के धोखे का शिकार न बने।

पुलिस इस मामले में टेलीग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जांच कर रही है, जो ठगों के लिए आमतौर पर शिकार ढूंढने का जरिया बन रहे हैं। साथ ही, बैंक खातों और लेनदेन की डिटेल्स खंगाली जा रही हैं ताकि ठगों तक पहुंचा जा सके।

 जोधपुर में इस तरह की घटनाएं साइबर अपराध के बढ़ते खतरे को दर्शाती हैं। नागरिकों को जागरूक और सतर्क रहने की जरूरत है ताकि वे इस तरह के ठगी के जाल में फंसने से बच सकें।

 

Basanti Parmar

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

Digital Archives

homeHomeamp_storiesWeb Storieslocal_fire_departmentTrendingplay_circleVideosmark_email_unreadNewsletter