जयपुर: खेड़ापति हनुमान मंदिर गलता तीर्थ की संपत्ति घोषित; 26 साल बाद कोर्ट का फैसला, अब देवस्थान विभाग संभालेगा कमान
जयपुर के माधोराजपुरा स्थित मंदिर श्रीखेड़ापति हनुमानजी को लेकर फागी कोर्ट ने 26 साल पुराने मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। एसीजेएम कोर्ट ने इस मंदिर को गलता तीर्थ की संपत्ति मानते हुए इसका प्रबंधन और संचालन देवस्थान विभाग को सौंपने के आदेश दिए हैं। पीठासीन अधिकारी रेखा तिवारी ने साल 1999 से लंबित इस याचिका पर सुनवाई करते हुए वर्तमान पुजारी को पद से हटाने और मंदिर की संपत्तियों के हिसाब-किताब के लिए प्रशासक नियुक्त करने का निर्देश दिया है।
जयपुर (माधोराजपुरा): राजस्थान के जयपुर जिले में स्थित प्रसिद्ध श्रीखेड़ापति हनुमान मंदिर के स्वामित्व और प्रबंधन को लेकर चल रहा दशकों पुराना कानूनी विवाद अब समाप्त हो गया है। एसीजेएम फागी (अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट) कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए मंदिर श्रीखेड़ापति हनुमानजी (ग्राम खेड़ा) को गलता तीर्थ की संपत्ति माना है।
1999 से चल रही थी कानूनी लड़ाई
यह मामला साल 1999 में फागी कोर्ट में दायर किया गया था। किशनलाल व अन्य बनाम मंदिर ठिकाना गलताजी, सार्वजनिक प्रन्यास और देवस्थान विभाग के बीच चले इस मुकदमे में करीब 26 सालों तक लंबी बहस और गवाहियां हुईं। पीठासीन अधिकारी रेखा तिवारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अब यह अहम आदेश जारी किया है।
पुजारी को हटाने और प्रशासक नियुक्त करने के आदेश
कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि: