कोटड़ा हत्या मामला: भाजपा नेता स्वरूपसिंह खारा के हस्तक्षेप से धरना समाप्त, पीड़ित परिवार को मिली 45 लाख रुपये की सहायता
बाड़मेर के कोटड़ा में सोलर कंपनी में कार्यरत सवाईसिंह की हत्या के बाद चले धरने को भाजपा नेता स्वरूपसिंह खारा के हस्तक्षेप से समाप्त कराया गया। खारा ने वार्ता कर कंपनी व ठेकेदार से 45 लाख रुपये (कंपनी से 30 लाख व ठेकेदार से 15 लाख) की आर्थिक सहायता दिलवाई। धरना शांतिपूर्ण समाप्त हुआ और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।
राजस्थान के बाड़मेर जिले में स्थित शिव विधानसभा क्षेत्र के कोटड़ा क्षेत्र में एक दर्दनाक हत्या की घटना ने इलाके में तनाव पैदा कर दिया था। कोटड़ा में स्थित एक सोलर कंपनी में कार्यरत आकोड़ा गांव के निवासी श्री सवाईसिंह की हत्या के बाद पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों ने न्याय और मुआवजे की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया था। यह धरना कई दिनों तक चलता रहा, जिससे इलाके में प्रशासनिक गतिविधियां प्रभावित हुईं और तनाव का माहौल बना रहा।
हत्या की इस घटना ने स्थानीय समुदाय को गहरा सदमा पहुंचाया। सवाईसिंह कंपनी में मेहनतकश मजदूर के रूप में काम करते थे और उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य थी। हत्या की वजहों का अभी पूरी तरह खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन प्रारंभिक जांच में यह कंपनी से जुड़े किसी विवाद या अन्य कारणों से जुड़ा बताया जा रहा है। घटना के बाद परिजनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग उठाई। धरने में शामिल लोग कंपनी प्रबंधन और ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगा रहे थे।इस मामले में निर्णायक मोड़ तब आया जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता स्वरूपसिंह खारा ने व्यक्तिगत हस्तक्षेप किया। स्वरूपसिंह खारा, जो शिव विधानसभा क्षेत्र से जुड़े प्रमुख नेता हैं और पूर्व में भाजपा के जिला अध्यक्ष रह चुके हैं, धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार के परिजनों से मुलाकात की और उनकी पीड़ा को सुना। इसके बाद उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों और सोलर कंपनी के प्रबंधन तथा ठेकेदार से लंबी वार्ता की।
खारा की सक्रिय भूमिका और मध्यस्थता से बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ी। अंततः कुल 45 लाख रुपये की आर्थिक सहायता पर सहमति बनी। इस राशि में सोलर कंपनी की ओर से 30 लाख रुपये और ठेकेदार की ओर से 15 लाख रुपये देने का समझौता हुआ। यह सहायता पीड़ित परिवार को उनकी आर्थिक जरूरतों को पूरा करने और भविष्य सुरक्षित करने में मदद करेगी। आश्वासन मिलते ही धरना शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हो गया और इलाके में सामान्य स्थिति बहाल हुई।