लेंसकार्ट ड्रेस कोड विवाद से मचा बवाल! बिंदी-तिलक को लेकर सोशल मीडिया पर उठी बड़ी बहस..

लेंसकार्ट से जुड़ा एक कथित ड्रेस कोड विवाद सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें बिंदी-तिलक और अन्य धार्मिक प्रतीकों को लेकर कंपनी पर आरोप लगाए गए। मामला बढ़ने पर #BoycottLenskart ट्रेंड करने लगा। इसके बाद कंपनी ने सफाई देते हुए कहा कि वह सभी कर्मचारियों की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का सम्मान करती है और बिंदी, तिलक, हिजाब, पगड़ी जैसे प्रतीकों की अनुमति है। विवाद के चलते सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई और कंपनी की नीतियों पर सवाल उठे।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
April 20, 2026 • 5:47 PM  28
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लेंसकार्ट ड्रेस कोड विवाद से मचा बवाल! बिंदी-तिलक को लेकर सोशल मीडिया पर उठी बड़ी बहस..
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20 Apr 2026
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लेंसकार्ट ड्रेस कोड विवाद से मचा बवाल! बिंदी-तिलक को लेकर सोशल मीडिया पर उठी बड़ी बहस..

नई दिल्ली:-

देश की प्रमुख आईवियर कंपनी लेंसकार्ट इन दिनों एक कथित ड्रेस कोड और ग्रूमिंग पॉलिसी को लेकर सोशल मीडिया पर बड़े विवाद का सामना कर रही है। कई ऑनलाइन पोस्ट्स और वायरल दावों के अनुसार, कंपनी की एक पुरानी इंटरनल नीति को लेकर यह विवाद शुरू हुआ, जिसके बाद #BoycottLenskart जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे।

हालांकि, इस पूरे मामले में कंपनी की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आने के बाद स्थिति काफी हद तक स्पष्ट होती दिख रही है।

विवाद की शुरुआत कैसे हुई?

सोशल मीडिया पर कुछ स्क्रीनशॉट और दावे वायरल हुए, जिनमें कहा गया कि लेंसकार्ट की एक कथित ग्रूमिंग पॉलिसी में कर्मचारियों के लिए बिंदी और तिलक जैसे धार्मिक प्रतीकों को लेकर प्रतिबंध जैसी बातें शामिल थीं, जबकि कुछ अन्य परंपरागत प्रतीकों को लेकर अलग नियम बताए जा रहे थे।

इन दावों के सामने आने के बाद यह मामला तेजी से तूल पकड़ गया और कई लोगों ने इसे धार्मिक संवेदनाओं से जोड़कर विरोध शुरू कर दिया।

सोशल मीडिया पर विरोध और #BoycottLenskart ट्रेंड

विवाद बढ़ने के साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कंपनी के खिलाफ बहिष्कार की मांग तेज हो गई। #BoycottLenskart हैशटैग ट्रेंड करने लगा और कई यूजर्स ने कंपनी की नीतियों पर सवाल उठाए।

कुछ शहरों में स्थानीय स्तर पर विरोध और प्रदर्शन की भी खबरें सामने आईं, हालांकि इनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

कंपनी का रुख और कथित नई गाइडलाइन

विवाद बढ़ने के बाद लेंसकार्ट की ओर से स्पष्टीकरण जारी किया गया, जिसमें कहा गया कि कंपनी सभी कर्मचारियों की सांस्कृतिक और धार्मिक विविधता का सम्मान करती है।

कंपनी के अनुसार, भारत में उसके हजारों स्टोर्स में कर्मचारी अपनी परंपराओं जैसे बिंदी, तिलक, कलावा, पगड़ी और हिजाब जैसे धार्मिक प्रतीकों के साथ काम कर सकते हैं, और किसी भी प्रकार की भेदभावपूर्ण नीति नहीं अपनाई जाती।

बाजार पर असर (सोशल मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार)

वायरल दावों और विवाद के बीच कंपनी के शेयरों को लेकर भी अलग-अलग तरह की रिपोर्ट्स सामने आईं। कुछ सोशल मीडिया पोस्ट्स में दावा किया गया कि शेयरों में हल्की गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ी।

हालांकि, इस तरह के बाजार प्रभाव को लेकर किसी स्वतंत्र और आधिकारिक वित्तीय पुष्टि की आवश्यकता होती है।

तकनीकी अपडेट: AI स्मार्ट ग्लास प्रोजेक्ट

इसी बीच, दिसंबर 2025 के आसपास कंपनी के एक संभावित टेक प्रोजेक्ट का भी उल्लेख सोशल मीडिया पर किया जा रहा है, जिसमें AI आधारित स्मार्ट ग्लासेस और डिजिटल पेमेंट फीचर्स जैसी तकनीकों की बात कही गई थी।

लेंसकार्ट से जुड़ा यह पूरा मामला अभी तक मुख्य रूप से सोशल मीडिया दावों और वायरल पोस्ट्स पर आधारित दिखाई देता है। कंपनी की ओर से स्पष्ट किया गया है कि वह किसी भी प्रकार के धार्मिक भेदभाव का समर्थन नहीं करती और सभी कर्मचारियों के लिए समान नीतियों का पालन किया जाता है।

Basanti Parmar

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

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