24 घंटे, 24 इंच पानी और 4 मौतें... क्या कुदरत देने वाली है किसी बड़ी तबाही की दस्तक?
देश भर में मानसून ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है, जिससे कई राज्यों में तबाही जैसी स्थिति बन गई है। गुजरात के सूरत में बीते 24 घंटे के भीतर रिकॉर्ड 24 इंच बारिश होने से पूरा शहर जलमग्न हो गया है, तो वहीं केरल में हुए भीषण भूस्खलन में मलबे नीचे दबने से 4 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। मूसलाधार बारिश और दरकते पहाड़ों के खतरे को देखते हुए अमरनाथ और केदारनाथ दोनों पवित्र यात्राओं को फिलहाल के लिए रोक दिया गया है। मौसम विभाग ने देश के 18 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या कुदरत का यह कहर आने वाले 48 घंटों में और भी भयानक तबाही लाने वाला है?
गुजरात: अगर महज 24 घंटे में आपके शहर पर इतना पानी बरस जाए कि गाड़ियाँ डूब जाएँ और सड़कें गायब हो जाएँ, तो क्या होगा? इस वक्त देश के कई राज्यों में ठीक ऐसा ही मंजर है। आसमान से बरस रही यह बारिश अब राहत नहीं, बल्कि आफत का रूप ले चुकी है।सूरत में रिकॉर्डतोड़ पानी, केरल में तबाही सबसे डरावनी तस्वीर गुजरात के सूरत से आ रही है। यहाँ कुदरत ने ऐसा रुख दिखाया कि बीते 24 घंटे के अंदर ही 24 इंच बारिश दर्ज की गई। शहर के कई इलाके पूरी तरह पानी में समा चुके हैं और लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं।वहीं दूसरी तरफ, केरल के इडुक्की और पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के बाद भयानक भूस्खलन (लैंडस्लाइड) हुआ है। पहाड़ों से मलबा गिरते ही अफरा-तफरी मच गई और 4 लोगों की जान चली गई। कई लोग अभी भी गायब बताए जा रहे हैं, जिन्हें तलाशने के लिए रेस्क्यू टीमें जुटी हुई हैं।
थम गईं पवित्र यात्राएं, 18 राज्यों में अलर्ट
बारिश का यह तांडव यहीं नहीं थमा। पहाड़ों पर हो रही मूसलाधार बारिश और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए अमरनाथ यात्रा रोक दी गई है। हजारों श्रद्धालु रास्ते में ही फंसे हुए हैं। यही हाल उत्तराखंड का भी है, जहाँ खराब मौसम के चलते केदारनाथ यात्रा को भी बीच में ही रोकना पड़ा है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए राजस्थान, महाराष्ट्र और गोवा के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि दिल्ली-एनसीआर, बिहार और हिमाचल समेत करीब 18 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी दी है।
निष्कर्ष
सूरत का डूबता शहर, केरल में मलबा बनती ज़िंदगी और पहाड़ों पर रुकी हुई श्रद्धालुओं की सांसें... क्या यह महज़ एक आम मानसूनी दौर है, या फिर कुदरत हमें कोई बहुत बड़ी तबाही का इशारा दे रही है? मौसम विभाग की मानें तो आने वाले 48 घंटे देश के कई इलाकों के लिए भारी पड़ सकते हैं। क्या अगले कुछ घंटों में मौसम का मिज़ाज और बिगड़ेगा? क्या आपके शहर तक भी पहुँचने वाली है यह आफत? और सबसे बड़ा सवाल— क्या हम कुदरत के इस बदलते मिज़ाज को हलके में लेने की भूल कर रहे हैं? मौसम और इस तबाही से जुड़ी हर एक बारीक अपडेट के लिए बने रहिए हमारे साथ।