मेवाड़ पूर्व राजपरिवार में संपत्ति विवाद: बेटियों ने पिता की अंतिम वसीयत को दी कानूनी चुनौती

मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार में दिवंगत अरविंद सिंह मेवाड़ की अंतिम वसीयत को लेकर बेटे और बेटियों के बीच गंभीर विवाद चल रहा है। दोनों बेटियों ने वसीयत को कोर्ट में चुनौती देते हुए पिता को शराब की लत और मानसिक अस्वस्थता का आरोप लगाया है, जबकि बेटे लक्ष्यराज सिंह ने इन आरोपों को खारिज कर पिता की गरिमा पर ठेस बताया है। मामला अब दिल्ली हाईकोर्ट में ट्रांसफर हो चुका है, जहां 12 जनवरी 2026 को सुनवाई होगी।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
December 30, 2025 • 1:47 PM  21
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राजस्थान
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मेवाड़ पूर्व राजपरिवार में संपत्ति विवाद: बेटियों ने पिता की अंतिम वसीयत को दी कानूनी चुनौती
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30 Dec 2025
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मेवाड़ पूर्व राजपरिवार में संपत्ति विवाद: बेटियों ने पिता की अंतिम वसीयत को दी कानूनी चुनौती

उदयपुर के मेवाड़ पूर्व राजपरिवार में एक बार फिर संपत्ति को लेकर गहरा विवाद सामने आया है। दिवंगत अरविंद सिंह मेवाड़ की अंतिम वसीयत को उनकी दोनों बेटियों ने कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें चौंकाने वाले आरोप लगाए गए हैं। इस मामले ने परिवार के अंदरूनी मतभेदों को सार्वजनिक कर दिया है और अब यह सुप्रीम कोर्ट से होते हुए दिल्ली हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है।

अरविंद सिंह मेवाड़ का निधन 16 मार्च 2025 को हुआ था। वे लंबे समय से बीमार थे और सिटी पैलेस के शंभू निवास में रहते थे। निधन से कुछ समय पहले, 7 फरवरी 2025 को उन्होंने अपनी अंतिम वसीयत दर्ज कराई थी, जिसमें अपनी स्व-अर्जित संपत्तियों का एकमात्र उत्तराधिकारी अपने बेटे डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ को बनाया था। इन संपत्तियों में शिकारबाड़ी की भूमि, मुंबई में मेवाड़ हाउस और दार्जिलिंग हाउस जैसी संपत्तियां शामिल हैं।हालांकि, अरविंद सिंह की बड़ी बेटी भार्गवी कुमारी और छोटी बेटी पद्मजा कुमारी ने इस वसीयत की वैधता पर सवाल उठाया है। दोनों बेटियों ने मुंबई हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया है कि उनके पिता वसीयत बनाने के समय मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ नहीं थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पिता शराब की लत के कारण सही-गलत का फैसला लेने में असमर्थ थे, जिससे वे विवेकपूर्ण निर्णय नहीं ले सकते थे। इन आधारों पर उन्होंने वसीयत को रद्द करने की मांग की है और संपत्तियों में अपना हिस्सा मांगा है।

इस आरोपों पर अरविंद सिंह के बेटे लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कोर्ट में एफिडेविट दाखिल कर कहा कि उनके पिता पूरी तरह मानसिक रूप से स्वस्थ थे। लक्ष्यराज ने बहनों पर पिता की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया और कहा कि संपत्ति के लालच में उन्होंने ऐसे गंभीर दावे किए हैं, जो परिवार के लिए दुखद हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पिता की याद को इस तरह कलंकित करने वालों को परिवार के आराध्य देव श्री एकलिंगनाथ जी कभी माफ नहीं करेंगे।लक्ष्यराज ने आगे बताया कि बहनों ने खुद अगस्त 2024 और दिसंबर 2024 में कुछ कंपनियों के शेयर पिता को गिफ्ट किए थे, जिन्हें पिता ने स्वीकार कर हस्ताक्षर किए। इसके अलावा, जनवरी 2025 में दोनों बहनों ने पिता के निर्देश पर उन कंपनियों से निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया था, जहां उन्हें पहले नियुक्त किया गया था। इन तथ्यों से लक्ष्यराज ने वसीयत की वैधता का बचाव किया है।

यह विवाद पिता के निधन के मात्र 15 दिन बाद शुरू हो गया था। लक्ष्यराज ने वसीयत के आधार पर राजस्थान हाईकोर्ट (जोधपुर) में प्रशासनिक पत्र जारी कराने की याचिका दायर की, जबकि बेटियों ने मुंबई हाईकोर्ट में चुनौती दी। मामला अलग-अलग कोर्ट में लंबित होने पर सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट ने सभी संबंधित मामलों को एकत्रित कर दिल्ली हाईकोर्ट में ट्रांसफर कर दिया है। अब इसकी अगली सुनवाई 12 जनवरी 2026 को दिल्ली हाईकोर्ट में होगी।मेवाड़ राजपरिवार का यह संपत्ति विवाद नया नहीं है। दशकों से चला आ रहा परिवारिक मतभेद अब नई पीढ़ी तक पहुंच गया है। एक तरफ लक्ष्यराज सिंह एचआरएच ग्रुप ऑफ होटल्स के प्रमुख के रूप में परिवार की विरासत संभाल रहे हैं, तो दूसरी तरफ बेटियां अपनी संपत्ति के अधिकार की लड़ाई लड़ रही हैं। यह मामला न केवल संपत्ति का है, बल्कि परिवार की गरिमा और परंपराओं से भी जुड़ा हुआ है। कोर्ट का अंतिम फैसला आने तक यह विवाद सुर्खियों में बना रहेगा।

Mohit Parihar

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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