नागौर में अवैध विस्फोटक सप्लाई का बड़ा नेटवर्क: लाइसेंस सरेंडर कर नर्सिंगकर्मी बनकर कर रहा था कारोबार, SIT ने 4 सप्लायर गिरफ्तार किए
नागौर में गणतंत्र दिवस से पहले करीब 10 टन अमोनियम नाइट्रेट जब्त होने के मामले में SIT ने मुख्य आरोपी सुलेमान खान के अलावा 4 सप्लायरों को गिरफ्तार किया। इनमें एक आरोपी देवराज मेड़तिया ने लाइसेंस सरेंडर कर दो साल से नर्सिंगकर्मी की नौकरी करते हुए अवैध विस्फोटक सप्लाई की। लाइसेंस धारकों ने रिकॉर्ड में हेराफेरी कर महंगे दामों पर सामग्री बेची। पुलिस ने लाइसेंस रद्द करने और सख्त मॉनिटरिंग के लिए विभाग को पत्र लिखा है। यह राजस्थान में विस्फोटक अधिनियम की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है।
नागौर जिले में गणतंत्र दिवस से ठीक पहले मिले करीब 10 टन अमोनियम नाइट्रेट के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। मुख्य आरोपी सुलेमान खान के बाद स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने चार और सप्लायरों को दबोच लिया है। ये आरोपी लाइसेंस प्राप्त मैगजीन (विस्फोटक स्टोरेज सेंटर) के संचालक थे, लेकिन रिकॉर्ड में हेराफेरी करके अमोनियम नाइट्रेट को महंगे दामों पर अवैध रूप से बेच रहे थे।
मामले की शुरुआत और पहली गिरफ्तारी
24 जनवरी 2026 को थांवला थाना क्षेत्र के हरसौर गांव में पुलिस ने एक खेत में बने मकान से 187 कट्टों (बोरियों) में भरे 9,550 किलोग्राम (करीब 10 टन) अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया। साथ ही डेटोनेटर, विस्फोटक वायर और अन्य सामग्री भी जब्त हुई। मौके से सुलेमान खान (50 वर्षीय, हरसौर निवासी) को गिरफ्तार किया गया। सुलेमान पर पहले से विस्फोटक अधिनियम के तहत तीन मामले दर्ज हैं। यह राजस्थान में विस्फोटक अधिनियम के तहत अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।