आगामी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए टीम में अनुभवी और तेजतर्रार चेहरों का संतुलित मिश्रण तैयार किया गया है।
बड़े चेहरों को अहम जिम्मेदारी
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महासचिव: पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को संगठन में राष्ट्रीय महासचिव का महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है।
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राष्ट्रीय उपाध्यक्ष: राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को एक बार फिर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।
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संगठन महामंत्री: संगठन स्तर पर समन्वय को मजबूत बनाए रखने के लिए बीएल संतोष को राष्ट्रीय संगठन महामंत्री के पद पर बरकरार रखा गया है।
राज्यवार प्रतिनिधित्व: उत्तर प्रदेश और दिल्ली को सबसे ज्यादा तरजीह
नई टीम में आगामी चुनावों के मद्देनजर राज्यों को प्रतिनिधित्व दिया गया है:
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उत्तर प्रदेश: 6 पदाधिकारी (2027 विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सर्वाधिक प्रतिनिधित्व)
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दिल्ली: 6 पदाधिकारी
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महाराष्ट्र: 4 पदाधिकारी
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राजस्थान: 3 पदाधिकारी
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अन्य राज्य: बिहार, उत्तराखंड, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, पंजाब, पश्चिम बंगाल और केरल से 2-2 नेताओं को टीम में जगह दी गई है।
चुनावी समीकरण और संगठनात्मक संतुलन
भाजपा अध्यक्ष की नई टीम में अनुभव के साथ क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने का स्पष्ट प्रयास दिखाई दे रहा है। उत्तर प्रदेश से 6 पदाधिकारियों की नियुक्ति यह साफ करती है कि पार्टी का मुख्य फोकस आगामी यूपी विधानसभा चुनाव की संगठनात्मक किलेबंदी पर है। वहीं, राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे प्रमुख राज्यों को भी केंद्रीय टीम में पर्याप्त प्रतिनिधित्व देकर असंतोष साधने और संगठन को चुस्त-दुरुस्त करने की रणनीति बनाई गई है।