'बचपन के यार के लिए उठाई सरकारी गाड़ी और गोदारा गैंग को थमा दिए विदेशी हथियार!
जयपुर में रोहित गोदारा गैंग को हथियार सप्लाई करने वाले फौजी भोपाल सिंह ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। गैंगस्टर सागर से दोस्ती निभाने के लिए सरकारी गाड़ी में विदेशी हथियारों की डिलीवरी की गई।
राजस्थान में अवैध हथियारों की तस्करी और लॉरेंस बिश्नोई-रोहित गोदारा गैंग के नेटवर्क को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। कुख्यात रोहित गोदारा गैंग को हथियार मुहैया कराने के आरोप में गिरफ्तार किए गए फौजी भोपाल सिंह ने पुलिस पूछताछ में कई बड़े राज उगले हैं। उसने कबूल किया है कि हथियारों की यह खेप उसने चंद रुपयों के लालच में नहीं, बल्कि अपने बचपन के दोस्त और विदेश में बैठे गैंगस्टर सागर (दीपेंद्र शेखावत) की खातिर पहुंचाई थी। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि पार्सल में आए विदेशी हथियारों की डिलीवरी देने के लिए फौजी ने एक सरकारी वाहन का इस्तेमाल किया था।
आर्मी और मर्चेंट नेवी से शुरू होकर अपराध तक का सफर
सीकर पुलिस और डीएसटी की पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी फौजी भोपाल सिंह और हिस्ट्रीशीटर सागर उर्फ दीपेंद्र शेखावत दोनों बचपन के गहरे दोस्त हैं। दोनों ने जयपुर के एक ही स्कूल से पढ़ाई की थी और पढ़ाई में काफी होनहार थे। आगे चलकर भोपाल सिंह भारतीय सेना में भर्ती हो गया, जबकि सागर ने मर्चेंट नेवी जॉइन कर ली। लेकिन कॉलेज के दिनों में ही सागर जयपुर की कुख्यात शिवराज गैंग के संपर्क में आया और बाद में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ गया। रोहित गोदारा से उसकी सीधी बातचीत होने लगी थी।