Rajasthan Assembly Monsoon Session:धर्मांतरण बिल पर रविंद्र भाटी का समर्थन, जूली ने उठाया सदन में आवाज दबाने का मुद्दा

राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र में धर्मांतरण बिल पर तीखी बहस, समर्थन में साझा संस्कृति की बात, विपक्ष ने भ्रष्टाचार बढ़ने की आशंका जताई। विपक्षी नेता ने बोलने की आजादी छीने जाने का आरोप लगाया।

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Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Sub Editor
September 9, 2025 • 4:23 PM  27
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Rajasthan Assembly Monsoon Session:धर्मांतरण बिल पर रविंद्र भाटी का समर्थन, जूली ने उठाया सदन में आवाज दबाने का मुद्दा
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Rajasthan Assembly Monsoon Session:धर्मांतरण बिल पर रविंद्र भाटी का समर्थन, जूली ने उठाया सदन में आवाज दबाने का मुद्दा

राजस्थान विधानसभा का 16वां मानसून सत्र जारी है, जिसमें राजस्थान विधि विरुद्ध धर्म सम परिवर्तन प्रतिषेध विधेयक 2025 पर तीखी बहस देखने को मिली। इस बिल को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गहन चर्चा हुई, जिसमें विभिन्न विधायकों ने अपने विचार रखे। बिल के समर्थन और विरोध में कई अहम बिंदु सामने आए, साथ ही सदन की कार्यवाही को लेकर भी विपक्ष ने आपत्ति जताई।

बिल के पक्ष में निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी

निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने बिल का समर्थन करते हुए कहा कि मानवता ही एकमात्र धर्म है और धर्मांतरण कानून की सख्त जरूरत है। उन्होंने अपने क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा, "मैं उस क्षेत्र से आता हूं जहां कभी दंगे नहीं हुए। आजादी के 80 साल बाद भी हिंदू-मुस्लिम के बीच कोई उन्माद नहीं रहा। हमारी साझा संस्कृति रही है, जिसे जसवंत सिंह, तन सिंह, वृद्धि चंद जैन और गंगाराम जी जैसे नेताओं ने बढ़ावा दिया।" भाटी ने चिंता जताई कि भोले-भाले आदिवासी लोगों का धर्म परिवर्तन किया जा रहा है और वोट बैंक की राजनीति के लिए समाज में जहर घोला जा रहा है। उन्होंने बिल को पारित करने की मांग की।

विपक्ष ने जताई आपत्ति, भ्रष्टाचार बढ़ने की आशंका

राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के विधायक सुभाष गर्ग ने बिल पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को इस विधेयक को लाने की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने कहा, "भारत सरकार के बिल में भी इतनी बड़ी जुर्माना राशि का प्रावधान नहीं है। सभी की मंशा है कि धर्मांतरण न हो, लेकिन इस बिल के पीछे की मंशा संदिग्ध है।" गर्ग ने आशंका जताई कि बिल के प्रावधान पुलिस को मनमानी करने का मौका देंगे, जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और गुजरात के धर्मांतरण कानूनों का हवाला देते हुए कहा कि उनमें भी इतनी बड़ी जुर्माना राशि का प्रावधान नहीं है। गर्ग ने यह भी कहा कि जैन धर्म के अधिकांश अनुयायी हिंदू हैं, और उन्हें भी इस प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है, जो अनुचित है।

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