वोटर अधिकार यात्रा के समापन पर राहुल गांधी का BJP को कड़ा संदेश,अब" हाइड्रोजन बम" आने वाला है तैयार हो जाओ

पटना में 'वोटर अधिकार यात्रा' के भव्य समापन में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने बीजेपी और नीतीश सरकार पर जमकर हमला बोला। राहुल ने 'हाइड्रोजन बम' की चेतावनी देते हुए बीजेपी पर 'वोट चोरी' का गंभीर आरोप लगाया, जबकि तेजस्वी ने नीतीश को 'नैतिक भ्रष्टाचार का भीष्म पितामह' करार दिया। गांधी मैदान से अंबेडकर प्रतिमा तक निकले मार्च में महागठबंधन के दिग्गज नेताओं और हजारों कार्यकर्ताओं का जोश देखते बनता था। यह यात्रा बिहार में लोकतंत्र बचाने और 2025 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी माहौल गरमाने का बड़ा संदेश दे गई।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
September 1, 2025 • 2:42 PM  19
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वोटर अधिकार यात्रा के समापन पर राहुल गांधी का BJP को कड़ा संदेश,अब" हाइड्रोजन बम" आने वाला है तैयार हो जाओ
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वोटर अधिकार यात्रा के समापन पर राहुल गांधी का BJP को कड़ा संदेश,अब" हाइड्रोजन बम" आने वाला है तैयार हो जाओ

पटना, 1 सितंबर 2025: बिहार की राजधानी पटना में महागठबंधन की 'वोटर अधिकार यात्रा' का आज भव्य समापन हुआ। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव के नेतृत्व में यह यात्रा 17 अगस्त को सासाराम से शुरू हुई थी और 16 दिनों में 25 जिलों से गुजरते हुए 1300 किलोमीटर का सफर तय कर आज पटना पहुंची। गांधी मैदान से बाबासाहेब अंबेडकर की प्रतिमा तक निकाले गए इस पैदल मार्च में महागठबंधन के शीर्ष नेताओं और हजारों कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान राहुल गांधी ने बीजेपी पर 'वोट चोरी' का गंभीर आरोप लगाते हुए 'हाइड्रोजन बम' की चेतावनी दी, वहीं तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार को 'नकलची' और 'भ्रष्ट' करार देते हुए बिहार से उखाड़ फेंकने का ऐलान किया। 

वोटर अधिकार यात्रा का भव्य समापन

पटना के गांधी मैदान में सुबह 11 बजे महागठबंधन के नेताओं ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर मार्च शुरू किया। यह मार्च एसपी वर्मा रोड, डाकबंगला चौराहा होते हुए नेहरू पथ स्थित बाबासाहेब अंबेडकर की प्रतिमा तक जाना था, लेकिन जिला प्रशासन ने डाकबंगला चौराहे तक ही अनुमति दी। फिर भी, मार्च में शामिल नेताओं और कार्यकर्ताओं का जोश देखते ही बनता था। राहुल गांधी, तेजस्वी यादव, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, भाकपा महासचिव डी राजा, वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी, झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन, टीएमसी सांसद यूसुफ पठान, शिवसेना नेता संजय राउत और एनसीपी की सुप्रिया सुले जैसे दिग्गज नेताओं ने इस मार्च में हिस्सा लिया। 

 मार्च के बाद डाकबंगला चौराहे पर बने मंच से नेताओं ने जनसभा को संबोधित किया। कार्यकर्ताओं के हाथों में कांग्रेस, राजद, भाकपा, वीआईपी और अन्य सहयोगी दलों के झंडे लहरा रहे थे। भीषण गर्मी के बावजूद हजारों कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे, जिससे पटना का सियासी माहौल गरमा गया।

राहुल गांधी का 'हाइड्रोजन बम'

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में बीजेपी और चुनाव आयोग पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "बीजेपी के लोग काले झंडे दिखा रहे हैं, लेकिन सुन लीजिए, एटम बम से बड़ा हाइड्रोजन बम होता है। बीजेपी तैयार हो जाए, क्योंकि यह हाइड्रोजन बम आने वाला है। आपकी वोट चोरी की सच्चाई देश के सामने आएगी।" राहुल ने आरोप लगाया कि बीजेपी और चुनाव आयोग ने मिलकर बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के जरिए लाखों मतदाताओं के नाम काटे हैं। उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र में भी लोकसभा चुनाव में एनसीपी, कांग्रेस और शिवसेना से वोट चुराए गए। "लोकसभा चुनाव के बाद 1 करोड़ नए वोटर जोड़े गए, लेकिन ये सारे वोट बीजेपी को मिले। बेंगलुरु सेंट्रल में एक विधानसभा में 1 लाख फर्जी वोटर थे, जिसके दम पर बीजेपी ने जीत हासिल की," राहुल ने कहा। 

 राहुल ने बिहार को 'क्रांतिकारी प्रदेश' करार देते हुए कहा कि यह यात्रा वोट चोरी के खिलाफ एक आंदोलन बन चुकी है, जिसकी गूंज पूरे देश में सुनाई दे रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बिहार की जनता लोकतंत्र पर हमले को बर्दाश्त नहीं करेगी और 'हाइड्रोजन बम' के बाद "नरेंद्र मोदी देश को मुंह नहीं दिखा पाएंगे।"

तेजस्वी का नीतीश सरकार पर हमला

राजद नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार को 'नकलची' और 'भ्रष्ट' बताते हुए जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा, "बिहार लोकतंत्र की धरती है, लेकिन बीजेपी और जदयू इसे खत्म करने की साजिश रच रहे हैं। गुजरात में वोट चोरी की फैक्ट्री चल रही है और बिहार में जीत हासिल करना चाहते हैं।" तेजस्वी ने नीतीश कुमार को 'नैतिक भ्रष्टाचार का भीष्म पितामह' करार दिया और कहा कि उनके एक मंत्री के इंजीनियर के पास से 100 करोड़ रुपये मिले, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 

 तेजस्वी ने महागठबंधन की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा, "हमने पेंशन बढ़ाने, डोमिसाइल कानून और माई-बहिन योजना की बात की, लेकिन नीतीश सरकार ने हमारी नकल की। नकल तो कर सकते हैं, लेकिन विजन नहीं ला सकते।" उन्होंने कार्यकर्ताओं से नीतीश सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया और कहा कि नया बिहार बनाया जाएगा, जहां उद्योग, रोजगार और स्वास्थ्य सुविधाएं होंगी। तेजस्वी ने यह भी कहा कि वह और उनके पिता लालू प्रसाद यादव जांच एजेंसियों से नहीं डरते। "हमारे भगवान श्रीकृष्ण का जन्म जेल में हुआ था, हम डरने वाले नहीं। लालू जी नहीं झुके, तेजस्वी भी नहीं झुकेगा," उन्होंने जोर देकर कहा।

यात्रा की पृष्ठभूमि और मकसद

वोटर अधिकार यात्रा का मकसद बिहार में चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ जनता को जागरूक करना था। महागठबंधन का आरोप है कि SIR के तहत 65 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम गलत तरीके से वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं। राहुल और तेजस्वी ने इसे 'वोट चोरी' और 'लोकतंत्र पर हमला' करार दिया। यात्रा ने रोहतास, औरंगाबाद, गया, नवादा, शेखपुरा, नालंदा, मुंगेर, कटिहार, पूर्णिया, सुपौल, मधुबनी, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण और भोजपुर जैसे जिलों को कवर किया। इस दौरान प्रियंका गांधी, तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन, सपा नेता अखिलेश यादव, झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन और अन्य नेताओं ने भी यात्रा में हिस्सा लिया। 

महागठबंधन की एकजुटता और सियासी रणनीति

इस यात्रा ने महागठबंधन की एकजुटता को मजबूत करने का काम किया। राहुल और तेजस्वी की जोड़ी ने बिहार में विपक्षी गठबंधन को नया जोश दिया। यात्रा का रोडमैप रणनीतिक था, जो बीजेपी, जदयू, चिराग पासवान और जीतनराम मांझी के गढ़ों से होकर गुजरा। खास तौर पर दलित और मुस्लिम-बहुल सीमांचल और मिथिलांचल क्षेत्रों में यात्रा ने बड़ा प्रभाव छोड़ा। समापन में गांधी और अंबेडकर की प्रतिमाओं को शामिल कर महागठबंधन ने दलित वोट बैंक को साधने की कोशिश की, जो बिहार की 18% आबादी का हिस्सा है। 

हालांकि, यात्रा के दौरान कुछ विवाद भी हुए। शेखपुरा में तेजस्वी के काफिले की गाड़ी से एक पुलिसकर्मी घायल हो गया, जिसके बाद एफआईआर दर्ज हुई। राजद और कांग्रेस ने इसे बीजेपी की साजिश करार दिया।

आगे की राह

महागठबंधन का दावा है कि यह यात्रा बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले एक बड़ा सियासी संदेश देगी। राहुल और तेजस्वी ने इसे 'लोकतंत्र बचाने की लड़ाई' करार दिया है। यात्रा के समापन के बाद अब महागठबंधन की नजर बिहार में नीतीश सरकार को घेरने और बीजेपी को चुनौती देने पर है। कार्यकर्ताओं का उत्साह और नेताओं की एकजुटता इस बात का संकेत दे रही है कि बिहार का सियासी रण और रोमांचक होने वाला है। 

वोटर अधिकार यात्रा ने बिहार में महागठबंधन को नई ताकत दी है। राहुल गांधी का 'हाइड्रोजन बम' और तेजस्वी का 'नकलची सरकार' का तंज बीजेपी और नीतीश सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। अब देखना होगा कि यह सियासी जोश चुनावी मैदान में कितना रंग लाता है। 

Basanti Parmar

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

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