रेलवे ग्रुप डी भर्ती परीक्षा में डमी कैंडिडेट का गिरोह पकड़ा गया: बायोमेट्रिक जांच से फर्जीवाड़ा उजागर, लाखों की ठगी का खुलासा
जयपुर में रेलवे ग्रुप डी परीक्षा के दौरान बायोमेट्रिक जांच में डमी कैंडिडेट पकड़ा गया। पुलिस ने डमी अभ्यर्थी ऋषभ रंजन और मास्टरमाइंड गौतम कुमार उर्फ गोटी को गिरफ्तार किया। गौतम ने 10 परीक्षाओं में डमी बैठाकर लाखों की ठगी की थी।
जयपुर। रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) की ग्रुप डी परीक्षा में फर्जीवाड़े का एक बड़ा मामला सामने आया है। जिला जयपुर दक्षिण पुलिस ने परीक्षा में डमी कैंडिडेट बैठाने के आरोप में दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में डमी कैंडिडेट के रूप में परीक्षा देने वाला ऋषभ रंजन उर्फ रिशभ रंजन और उसका मुख्य सहयोगी एवं मास्टरमाइंड गौतम कुमार उर्फ गोटी शामिल हैं। यह गिरफ्तारी बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और फेस स्कैनिंग तकनीक की बदौलत संभव हो सकी, जिसने मूल अभ्यर्थी और डमी के बीच जीरो प्रतिशत मैच दिखाया।
घटना कैसे हुई उजागर? 10 दिसंबर 2025 को जयपुर के सीतापुरा क्षेत्र में स्थित एक परीक्षा केंद्र पर रेलवे ग्रुप डी परीक्षा की पहली पारी चल रही थी। प्रवेश प्रक्रिया के दौरान एक युवक ने खुद को अभिषेक मीना बताते हुए एडमिट कार्ड, आधार कार्ड और पैन कार्ड प्रस्तुत किए। केंद्र पर मौजूद स्टाफ ने बायोमेट्रिक जांच (फिंगरप्रिंट और फेस स्कैनिंग) की, जिसमें उसका चेहरा मूल अभ्यर्थी अभिषेक मीना से शून्य प्रतिशत मेल खाया। संदेह होने पर उसे तुरंत रोका गया और पूछताछ की गई, जिसमें वह डमी कैंडिडेट निकला।इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस थाना सांगानेर सदर में परीक्षा अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच शुरू होते ही डमी कैंडिडेट ऋषभ रंजन को गिरफ्तार कर लिया गया। आगे की पूछताछ में उसके सहयोगी गौतम कुमार उर्फ गोटी का नाम सामने आया, जिसे भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया गया।