बाड़मेर: पानी की समस्या से तंग आकर शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने अधिकारी के सामने जमीन पर बैठकर धरना दिया

शिव विधानसभा क्षेत्र के निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने हरसाणी गांव में एक साल से चली आ रही पानी की समस्या के समाधान के लिए बाड़मेर जलदाय कार्यालय में अधिकारी के सामने कुर्सी छोड़कर जमीन पर धरना दे दिया। अधिकारी उन्हें कुर्सी पर बैठने का आग्रह करते रहे, लेकिन विधायक ने लिखित आश्वासन मिलने तक धरना जारी रखने की बात कही। ग्रामीण जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार और पाइपलाइन कार्य में अनियमितता के आरोप लगा रहे हैं।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
January 7, 2026 • 3:46 PM  157
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बाड़मेर: पानी की समस्या से तंग आकर शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने अधिकारी के सामने जमीन पर बैठकर धरना दिया
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बाड़मेर: पानी की समस्या से तंग आकर शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने अधिकारी के सामने जमीन पर बैठकर धरना दिया

बाड़मेर। शिव विधानसभा क्षेत्र के निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने हरसाणी गांव में लंबे समय से चली आ रही पानी की समस्या के समाधान की मांग को लेकर जलदाय विभाग के कार्यालय में अनोखा प्रदर्शन किया। वे अतिरिक्त मुख्य अभियंता (एईएन) परशुराम वर्मा के चैंबर में पहले कुर्सी पर बैठे, लेकिन जब समस्या के समाधान का संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो कुर्सी छोड़कर अधिकारी के सामने जमीन पर बैठ गए। विधायक ने स्पष्ट कहा कि जब तक गांव वासियों को पानी नहीं मिलेगा, वे धरने पर बैठे रहेंगे।

घटना का विवरण बुधवार दोपहर को विधायक भाटी बाड़मेर स्थित जलदाय विभाग कार्यालय पहुंचे। हरसाणी गांव के ग्रामीणों की शिकायत पर वे वहां गए थे। गांव में पिछले एक साल से पानी की गंभीर समस्या है। ग्रामीणों ने दो दिन धरना दिया, रैली निकाली और बाजार बंद कराया।

एईएन के चैंबर में बातचीत के दौरान विधायक ने कहा:"एक साल से पानी की समस्या को लेकर पत्र लिख रहा हूं, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।""गांव के लोग सड़कों पर बैठे हैं, महिलाएं धरने पर हैं। अगर मेरे क्षेत्र के लोग पानी के लिए तरस रहे हैं तो यह मेरे लिए शर्म की बात है।""जब तक लिखित में जवाब नहीं मिलेगा कि पानी कब तक पहुंचेगा, मैं यहां जमीन पर बैठा रहूंगा।"विधायक के जमीन पर बैठते ही अधिकारी उन्हें बार-बार कुर्सी पर बैठने का आग्रह करते रहे, लेकिन भाटी अपनी मांग पर अड़े रहे। अधिकारी हाथ जोड़े खड़े रहे और नियमों से बंधे होने की बात कही।

विधायक और अधिकारी के बीच मुख्य बातचीत भाटी: गांव के लोगों को सड़क पर बैठना पड़ रहा है। पाइपलाइन नहीं बिछ रही। साल भर से पत्र लिख रहा हूं। अगर पानी नहीं दे पा रहे तो मैं धरने पर बैठता हूं।वर्मा: आप ऐसा मत करो। हमने प्रस्ताव स्टेट लेवल पर भेजे हैं। हम नियमों से बंधे हैं।भाटी: महिलाएं सड़क पर बैठी हैं तो मैं घर कैसे बैठूं? लिखित में दें कि कब तक पानी पहुंचेगा। पीएचईडी की जिम्मेदारी है पानी पहुंचाना।वर्मा: आपके कहने पर प्रस्ताव भेजे हैं। निवेदन है, कुर्सी पर बैठें।

पानी की समस्या की जड़ हरसाणी गांव की आबादी करीब 10 हजार है। ग्रामीण जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन कार्य में भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे हैं:स्वीकृत लेआउट के अनुसार पाइपलाइन नहीं बिछाई गई।मनमाने ढंग से रास्ते बदले गए।ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी पैसों का दुरुपयोग।पीने का पानी भी पर्याप्त नहीं मिल रहा।ग्रामीणों का कहना है कि जांच और पानी की नियमित आपूर्ति नहीं होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा।

Mohit Parihar

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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