बाड़मेर में ट्रेन की चपेट में आने से सफाई कर्मचारी की मौत, भाई बोला- फाइनेंसरों की प्रताड़ना से था परेशान
बाड़मेर में जोधपुर-बाड़मेर पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आने से 39 वर्षीय सफाई कर्मचारी गौरीशंकर की मौत हो गई। हादसे के बाद शव रेलवे ट्रैक के पास नाले में मिला। मृतक के भाई ने फाइनेंसरों द्वारा मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
बाड़मेर। बाड़मेर शहर में सोमवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे में सफाई कर्मचारी की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसे के बाद युवक का शव रेलवे ट्रैक के पास बने नाले के कीचड़ में जा गिरा। सूचना मिलने पर जीआरपी, आरपीएफ और कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से काफी मशक्कत के बाद शव को नाले से बाहर निकाला गया और पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल की मॉर्च्यूरी में रखवाया गया।
घटना सोमवार दोपहर करीब 3 बजे शहर के बीएनसी होटल के सामने रेलवे ट्रैक पर हुई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जोधपुर से बाड़मेर आ रही पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आने से बापू कॉलोनी निवासी गौरीशंकर (39) पुत्र किशोरीलाल की मौके पर ही मौत हो गई। ट्रेन की टक्कर इतनी तेज थी कि शव ट्रैक से उछलकर पास के नाले में जा गिरा, जिससे शुरुआती तलाश के दौरान पुलिस और रेलवे कर्मियों को शव दिखाई नहीं दिया।
सूचना मिलने पर ट्रेन को कुछ देर के लिए रोका गया। इसके बाद जीआरपी और आरपीएफ की टीम ने आसपास सर्च अभियान चलाया। काफी देर की तलाश के बाद शव नाले के कीचड़ में मिला। पुलिस ने स्थानीय लोगों की सहायता से शव बाहर निकलवाकर जिला अस्पताल पहुंचाया।