Rising Rajasthan के तहत हुआ MoU
कंपनी के CEO जितेश त्रिवेदी के मुताबिक फरवरी 2026 में Rising Rajasthan Summit के तहत राज्य सरकार के साथ MoU हुआ था। इसी प्रोजेक्ट के तहत जोधपुर में अत्याधुनिक लैब तैयार की जा रही है।
इसके साथ ही जोधपुर में बड़ा ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग हब स्थापित करने की योजना है। इसके लिए नागौर रोड पर नेतड़ा के पास और पाली रोड पर जमीन देखी गई है।
प्रोजेक्ट के तहत ड्रोन के अलग-अलग पार्ट्स बनाने के लिए छोटी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स भी स्थापित की जाएंगी। कंपनी का कहना है कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और इन यूनिट्स में काम करने वाले लोगों को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी।
150 से 200 किलो क्षमता वाला पैसेंजर ड्रोन
कंपनी के अनुसार उनकी टीम ने 15 से 20 किलोग्राम वजन उठाने वाला हेवी वेट लिफ्टिंग ड्रोन तैयार किया है। इसका इस्तेमाल मेडिकल इमरजेंसी, इंडस्ट्री और डिलीवरी जैसे क्षेत्रों में किया जा सकता है।
अब कंपनी सितंबर या अक्टूबर 2026 से पैसेंजर ड्रोन पर काम शुरू करने की तैयारी में है। इसकी डिजाइन तैयार होने का दावा किया गया है। कंपनी के मुताबिक ड्रोन की क्षमता 150 से 200 किलोग्राम तक होगी और इस पर जमीनी काम शुरू होने के करीब छह महीने में प्रोटोटाइप तैयार करने का लक्ष्य है।
एंटी-ड्रोन और हाई एल्टीट्यूड ड्रोन पर भी काम
कंपनी पैसेंजर ड्रोन के साथ एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजी और हाई एल्टीट्यूड लॉन्ग एंड्योरेंस यानी HALE ड्रोन पर भी काम कर रही है।
कंपनी के दावे के मुताबिक HALE ड्रोन काफी ऊंचाई पर लंबे समय तक उड़ान भर सकेंगे और इनकी रेंज भी अधिक होगी। टीम 500 किलोमीटर तक की रेंज और करीब 1500 मीटर ऊंचाई तक उड़ान भरने वाले ड्रोन प्रोजेक्ट पर भी काम कर रही है।
जोधपुर में बनेगी AI ड्रोन लैब
जोधपुर में तैयार की जा रही AI ड्रोन लैब में युवाओं को ड्रोन डिजाइन और डेवलपमेंट की ट्रेनिंग देने की योजना है। इसके लिए कंपनी ने AI आधारित एक टूल तैयार करने की बात कही है।
इस टूल में यूजर ड्रोन का प्रकार, मोटर और प्रोपेलर जैसी जानकारी दर्ज कर सकेगा। इसके बाद AI सिस्टम ड्रोन के लिए जरूरी पार्ट्स और तकनीकी कैलकुलेशन उपलब्ध कराने का दावा किया गया है।
कंपनी के मुताबिक उनकी वेबसाइट पर दुनिया के 1000 से ज्यादा ड्रोन का लाइव डेटा भी उपलब्ध कराया गया है, जिससे यूजर्स ड्रोन की डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग और तकनीक के बारे में जानकारी ले सकेंगे।
स्कूल-कॉलेज के छात्रों को मिलेगी ड्रोन ट्रेनिंग
इस प्रोजेक्ट का एक अहम हिस्सा छात्रों और शिक्षकों की ट्रेनिंग भी है। राजस्थान के अलग-अलग स्कूलों और कॉलेजों में छात्रों को ड्रोन बनाने और उड़ाने की ट्रेनिंग दी जा रही है।
इसके साथ ही शिक्षकों और प्रोफेसर्स के लिए Faculty Development Program चलाया जा रहा है, ताकि वे ड्रोन टेक्नोलॉजी को समझकर आगे छात्रों को भी इसकी ट्रेनिंग दे सकें।
जोधपुर में प्रस्तावित ड्रोन लैब और मैन्युफैक्चरिंग हब के जरिए राजस्थान में ड्रोन टेक्नोलॉजी, स्किल डेवलपमेंट और स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है।