हनुमान बेनीवाल ने हटाई अपनी पुलिस सुरक्षा, बीमार जवानों की तैनाती पर उठाए सवाल; अमित शाह और CM को लिखा पत्र

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने अपनी सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को हटाते हुए नागौर पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

Kashish Sain
Kashish Sain Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
July 19, 2026 • 12:31 PM  3
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राजस्थान
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हनुमान बेनीवाल ने हटाई अपनी पुलिस सुरक्षा, बीमार जवानों की तैनाती पर उठाए सवाल; अमित शाह और CM को लिखा पत्र
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हनुमान बेनीवाल ने हटाई अपनी पुलिस सुरक्षा, बीमार जवानों की तैनाती पर उठाए सवाल; अमित शाह और CM को लिखा पत्र

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने शनिवार को अपनी सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को हटाने का फैसला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि नागौर में उनकी सुरक्षा ड्यूटी पर लगातार गंभीर बीमारियों से पीड़ित पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है। बेनीवाल का कहना है कि इससे न केवल उनकी सुरक्षा प्रभावित हो रही है, बल्कि उनकी सार्वजनिक छवि को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।

इस पूरे मामले को लेकर उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर हस्तक्षेप और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

'बीमार जवानों को जानबूझकर भेजा जा रहा'

अपने पत्र में बेनीवाल ने आरोप लगाया कि नागौर में पुलिस व्यवस्था संभाल रहे अधिकारी और रिजर्व पुलिस लाइन के जिम्मेदार कर्मचारी जानबूझकर गंभीर बीमारियों से ग्रसित पुलिसकर्मियों को उनकी सुरक्षा में तैनात कर रहे हैं। उन्होंने इसे एक सुनियोजित साजिश बताते हुए कहा कि यदि किसी पुलिसकर्मी की तबीयत बिगड़ती है या कोई अप्रिय घटना होती है, तो उसकी जिम्मेदारी उन पर डालने की कोशिश की जा सकती है।

तीन पुलिसकर्मियों का किया जिक्र

बेनीवाल ने पत्र में हाल के तीन मामलों का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार 11 जुलाई को उनकी सुरक्षा में तैनात एक कांस्टेबल की जयपुर में अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा।

उन्होंने यह भी लिखा कि 15 जुलाई को एक अन्य कांस्टेबल की तबीयत बिगड़ने पर उसे जोधपुर रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने हृदय संबंधी बीमारी की आशंका जताई। वहीं शनिवार को उनकी सुरक्षा में भेजे गए तीसरे पुलिसकर्मी की तबीयत भी ठीक नहीं थी, जिसके बाद उन्होंने उसे तत्काल वापस भेज दिया।

सुरक्षा घटाने पर भी उठाए सवाल

बेनीवाल ने पत्र में दावा किया कि पहले सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट के आधार पर उन्हें अतिरिक्त पुलिस एस्कॉर्ट और हथियारबंद कमांडो उपलब्ध कराए गए थे, लेकिन बाद में बिना किसी पूर्व सूचना के यह अतिरिक्त सुरक्षा हटा दी गई।

उन्होंने सरकार से पूछा कि यदि पहले सुरक्षा को लेकर खतरे के इनपुट थे, तो वर्तमान में उनकी स्थिति क्या है और सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव क्यों किया गया।

DGP को सूचना देने का भी दावा

सांसद ने कहा कि उन्होंने पूरे मामले की जानकारी राजस्थान पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को भी दी थी, लेकिन इसके बावजूद जिला स्तर पर कोई सुधार नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी निष्पक्ष तरीके से काम करने के बजाय राजनीतिक प्रभाव में निर्णय ले रहे हैं।

जांच और कार्रवाई की मांग

बेनीवाल ने केंद्र और राज्य सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और उनकी सुरक्षा व्यवस्था की नए सिरे से समीक्षा कराने की मांग की है।

Kashish Sain

Kashish Sain Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

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