रविंद्र सिंह भाटी का विधानसभा में बड़ा बयान: पंचायती राज में EWS आरक्षण दो, राजपूत-ब्राह्मण-जैन समाजों को नजरअंदाज न करें
राजस्थान विधानसभा में शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने पंचायती राज (संशोधन) विधेयक 2026 पर चर्चा के दौरान बड़ा बयान दिया। उन्होंने विधेयक का स्वागत किया लेकिन इसमें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को आरक्षण न देने पर सख्त नाराजगी जताई। भाटी ने मांग की कि राजपूत, ब्राह्मण, राजपुरोहित, जैन, कायस्थ जैसे आर्थिक रूप से पिछड़े समाजों को पंचायती राज संस्थाओं (सरपंच, पंच, वार्ड सदस्य) में आरक्षण मिले। उन्होंने कहा कि 2023 चुनावों में सत्ता पक्ष को 41% वोट मिले, विपक्ष को 39%, और 2% मार्जिनल वोटर्स (इन समाजों से) ने ही सरकार बनाई। सत्ता पक्ष को चेतावनी दी कि इन्हें नजरअंदाज करने का अंजाम भुगतना पड़ेगा। 100 से ज्यादा विधायकों ने EWS आरक्षण के लिए आवेदन दिए हैं। भाटी ने अन्य मुद्दों जैसे भुगतान देरी, कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों का नियमितीकरण, ग्राम सभा मजबूती और पश्चिमी राजस्थान की पानी-गर्मी समस्या पर भी बात की।
राजस्थान विधानसभा में शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने सोमवार (9 मार्च 2026) को राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान एक जोरदार और धमाकेदार बयान दिया। उन्होंने विधेयक की सराहना की, लेकिन इसमें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को आरक्षण देने की कमी पर सख्त नाराजगी जताई। भाटी ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं (सरपंच, पंच, वार्ड सदस्य) में EWS को जगह मिलनी चाहिए, खासकर उन समाजों को जो आर्थिक रूप से पिछड़े हैं जैसे राजपूत, ब्राह्मण, राजपुरोहित, जैन, कायस्थ आदि।
मुख्य बयान और मांगें
EWS आरक्षण की जरूरत: भाटी ने कहा कि ये समाज आर्थिक रूप से कमजोर हैं और EWS कैटेगरी में आते हैं। पंचायती राज में इनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आरक्षण जरूरी है। धनवान लोग चुनाव लड़ते हैं, लेकिन गरीबों को मौका नहीं मिलता।