देश में कोविड-19 की वापसी: 1,000 से अधिक मामले, केरल में सबसे ज्यादा 430 मरीज,स्वास्थ्य अधिकारियों और आम जनता को सतर्कता की सलाह

भारत में कोविड-19 के मामले फिर से बढ़ रहे हैं, जिसमें 26 मई 2025 तक 1,009 सक्रिय मामले दर्ज किए गए हैं। केरल (430 मामले), महाराष्ट्र (209), और दिल्ली (104) सबसे अधिक प्रभावित हैं। नए सब-वेरिएंट्स NB.1.8.1 और LF.7 की पहचान हुई है, लेकिन इन्हें कम जोखिम वाला माना गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने मास्क, सामाजिक दूरी, और टीकाकरण जैसे बचाव उपायों पर जोर दिया है। अधिकांश मामले हल्के हैं, और अस्पतालों में स्थिति नियंत्रण में है। प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है।

Ashok Shera
Ashok Shera Official | Verified Expert • 11 Jun, 2026 Editor
May 27, 2025 • 12:27 PM  655
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देश में कोविड-19 की वापसी: 1,000 से अधिक मामले, केरल में सबसे ज्यादा 430 मरीज,स्वास्थ्य अधिकारियों और आम जनता को सतर्कता की सलाह
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27 May 2025
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देश में कोविड-19 की वापसी: 1,000 से अधिक मामले, केरल में सबसे ज्यादा 430 मरीज,स्वास्थ्य अधिकारियों और आम जनता को सतर्कता की सलाह

भारत में एक बार फिर कोविड-19 के मामलों में उछाल देखा जा रहा है, जिसने स्वास्थ्य अधिकारियों और आम जनता को सतर्क कर दिया है। 26 मई 2025 तक, देश में सक्रिय कोविड-19 मामलों की संख्या 1,009 तक पहुंच गई है, जो पिछले हफ्ते के 257 मामलों की तुलना में काफी अधिक है। यह जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के आधार पर सामने आई है। विभिन्न राज्यों में नए मामलों की संख्या में वृद्धि ने प्रशासन को सतर्कता बरतने और नागरिकों को बचाव के उपाय अपनाने की सलाह देने के लिए प्रेरित किया है। आइए, इस खबर की विस्तृत जानकारी और राज्य-वार आंकड़ों पर नजर डालें।

राज्य-वार कोविड-19 के सक्रिय मामले

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश के कई राज्यों में कोविड-19 के नए मामले सामने आए हैं। निम्नलिखित राज्यों में सक्रिय मामलों की स्थिति इस प्रकार है:

नए वेरिएंट्स और उनकी स्थिति

भारत में दो नए कोविड-19 सब-वेरिएंट्स की पहचान की गई है:

  • NB.1.8.1: तमिलनाडु में अप्रैल में पहली बार पाया गया।
  • LF.7: गुजरात में मई में चार मामलों के साथ पुष्टि हुई।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इन दोनों सब-वेरिएंट्स को 'वेरिएंट्स अंडर मॉनिटरिंग' के रूप में वर्गीकृत किया है, न कि 'वेरिएंट्स ऑफ कंसर्न'। NB.1.8.1 में कुछ विशिष्ट स्पाइक प्रोटीन म्यूटेशन (A435S, V445H, और T478I) देखे गए हैं, जो इसे अधिक संक्रामक और प्रतिरक्षा से बचने में सक्षम बना सकते हैं। फिर भी, WHO का प्रारंभिक आकलन इसे वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए कम जोखिम वाला मानता है। इसके अलावा, JN.1 वेरिएंट भारत में 53% नमूनों में प्रमुख बना हुआ है।

स्वास्थ्य मंत्रालय और प्रशासन की प्रतिक्रिया

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को सतर्क रहने और आवश्यक उपकरण जैसे वेंटिलेटर, Bi-PAP, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, और PSA की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, "आतंक की कोई जरूरत नहीं है। अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन, और दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था है।" महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों में भी स्वास्थ्य विभाग ने दवाओं और PPE किट का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश दिए हैं।

लक्षण और सावधानियां

विशेषज्ञों के अनुसार, अधिकांश मामले हल्के हैं और मरीज घर पर ही ठीक हो रहे हैं। सामान्य लक्षणों में शामिल हैं:

  • बुखार
  • नाक बहना
  • गले में खराश
  • सिरदर्द
  • थकान

स्वास्थ्य मंत्रालय ने नागरिकों से निम्नलिखित बचाव उपाय अपनाने की सलाह दी है:

  • मास्क पहनें: विशेष रूप से भीड़-भाड़ वाली जगहों पर।
  • हाथ धोएं: नियमित रूप से साबुन और पानी से या सैनिटाइजर का उपयोग करें।
  • सामाजिक दूरी: भीड़ से बचें और दूरी बनाए रखें।
  • टीकाकरण: बूस्टर डोज लेने पर विचार करें, खासकर बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों के लिए।
  • SARI लक्षणों की जांच: गंभीर श्वसन समस्याओं (SARI) वाले लोगों को तुरंत टेस्ट करवाने की सलाह दी गई है।

मौतों का आंकड़ा

26 मई तक, देश में इस लहर में 7 मौतें दर्ज की गई हैं:

  • महाराष्ट्र: 4
  • केरल: 2
  • कर्नाटक: 1

हालांकि, स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि महाराष्ट्र में हुई मौतें मुख्य रूप से गंभीर सह-रुग्णताओं के कारण थीं, न कि केवल वायरस के कारण।

विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिण एशिया में कोविड-19 मामलों में वृद्धि का प्रमुख कारण JN.1 सब-वेरिएंट हो सकता है, जो WHO द्वारा अभी तक 'वेरिएंट ऑफ कंसर्न' के रूप में वर्गीकृत नहीं किया गया है। इसके अलावा, हांगकांग और सिंगापुर जैसे एशियाई शहरों में भी मामलों में वृद्धि देखी जा रही है, जिसके चलते वहां बूस्टर टीकाकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है।

नागरिकों के लिए सलाह

स्वास्थ्य मंत्रालय और विशेषज्ञों ने नागरिकों से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की है। अधिकांश मामले हल्के हैं, और अस्पतालों में स्थिति नियंत्रण में है। फिर भी, विशेष रूप से बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

Ashok Shera Official | Verified Expert • 11 Jun, 2026 Editor

"द खटक" एडिटर-इन-चीफ

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