महंगाई दर में मामूली बढ़ोतरी, मई में रिटेल इंफ्लेशन 3.93% पर पहुंची; RBI के लक्ष्य के भीतर बना हुआ आंकड़ा

मई 2026 में भारत की खुदरा महंगाई दर बढ़कर 3.93% हो गई, जो अप्रैल में 3.48% थी। हालांकि इसमें मामूली वृद्धि दर्ज की गई है, लेकिन यह अभी भी RBI के 4% लक्ष्य के भीतर बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी और मौसमी कारकों का असर महंगाई पर पड़ा है, जबकि अर्थव्यवस्था की स्थिति फिलहाल संतुलित बनी हुई है।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
June 14, 2026 • 11:51 AM  6
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महंगाई दर में मामूली बढ़ोतरी, मई में रिटेल इंफ्लेशन 3.93% पर पहुंची; RBI के लक्ष्य के भीतर बना हुआ आंकड़ा
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14 Jun 2026
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महंगाई दर में मामूली बढ़ोतरी, मई में रिटेल इंफ्लेशन 3.93% पर पहुंची; RBI के लक्ष्य के भीतर बना हुआ आंकड़ा

भारत में खुदरा महंगाई दर (Retail Inflation) मई 2026 में बढ़कर 3.93% पर पहुंच गई है। अप्रैल महीने में यह दर 3.48% दर्ज की गई थी। हालांकि मासिक आधार पर महंगाई में बढ़ोतरी देखने को मिली है, लेकिन यह अभी भी भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के निर्धारित 4% लक्ष्य के भीतर बनी हुई है, जिससे अर्थव्यवस्था को लेकर राहत की स्थिति बनी हुई है।

उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) पर आधारित यह आंकड़ा देश में आम लोगों द्वारा उपयोग की जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में बदलाव को दर्शाता है। मई के दौरान खाद्य पदार्थों, सब्जियों, फलों और कुछ आवश्यक उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण मुद्रास्फीति दर में इजाफा हुआ।

अर्थशास्त्रियों का मानना है कि गर्मी के मौसम, आपूर्ति संबंधी चुनौतियों और कुछ कृषि उत्पादों की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने महंगाई पर दबाव बनाया। हालांकि खाद्य मुद्रास्फीति अभी भी नियंत्रण में है, लेकिन आने वाले महीनों में मानसून की स्थिति और वैश्विक कमोडिटी कीमतें महंगाई की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, महंगाई दर का RBI के लक्ष्य दायरे में बने रहना केंद्रीय बैंक के लिए सकारात्मक संकेत है। इससे ब्याज दरों में तत्काल किसी बड़े बदलाव की संभावना कम हो सकती है। RBI लंबे समय से महंगाई को नियंत्रित रखते हुए आर्थिक विकास को समर्थन देने की रणनीति पर काम कर रहा है।

वित्तीय बाजारों ने भी इस आंकड़े को संतुलित माना है। निवेशकों का मानना है कि महंगाई में हुई यह बढ़ोतरी चिंताजनक स्तर पर नहीं है और भारतीय अर्थव्यवस्था अभी भी स्थिर स्थिति में बनी हुई है।

आर्थिक जानकारों का कहना है कि यदि आगामी महीनों में खाद्य कीमतों पर नियंत्रण बना रहता है और वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी तेजी नहीं आती, तो महंगाई दर RBI के लक्ष्य दायरे में बनी रह सकती है। इससे उपभोक्ताओं और उद्योगों दोनों को राहत मिलने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर, मई में खुदरा महंगाई दर में हल्की बढ़ोतरी जरूर दर्ज की गई है, लेकिन इसका स्तर अभी भी केंद्रीय बैंक की सीमा के भीतर है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिरता और संतुलित मांग-आपूर्ति स्थिति का संकेत माना जा रहा है।

Mohit Parihar

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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