"रिंग के बादशाह का अलविदा: महान मुक्केबाज जॉर्ज फोरमैन का 76 की उम्र में निधन"

पूर्व हेवीवेट चैंपियन जॉर्ज फोरमैन ने 76 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया।

Ashok Shera
Ashok Shera Official | Verified Expert • 11 Jun, 2026Editor
March 22, 2025 • 11:57 AM  51
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"रिंग के बादशाह का अलविदा: महान मुक्केबाज जॉर्ज फोरमैन का 76 की उम्र में निधन"

रिपोर्ट जसवंत सिंह - मुक्केबाजी की दुनिया के एक चमकते सितारे, पूर्व हेवीवेट चैंपियन जॉर्ज फोरमैन ने 76 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया। अमेरिकी बॉक्सर जॉर्ज फोरमैन का निधन शुक्रवार, 21 मार्च 2025 को हुआ। उनके परिवार ने इंस्टाग्राम पर इस दुखद खबर की पुष्टि करते हुए कहा, "हमारा दिल टूट गया है। गहरे दुख के साथ हम अपने प्रिय जॉर्ज एडवर्ड फोरमैन सीनियर के निधन की घोषणा करते हैं। वह 21 मार्च, 2025 को शांतिपूर्वक अपने प्रियजनों के बीच हमें छोड़ गए।"  

रिंग में धमाल, जिंदगी में प्रेरणा

जॉर्ज फोरमैन, जिन्हें "बिग जॉर्ज" के नाम से भी जाना जाता था, मुक्केबाजी के इतिहास में एक किंवदंती थे। 1968 में मैक्सिको सिटी ओलंपिक में हेवीवेट श्रेणी में स्वर्ण पदक जीतने वाले फोरमैन ने 1973 में जो फ्रेजर को नॉकआउट कर पहली बार हेवीवेट विश्व चैंपियनशिप अपने नाम की थी। हालांकि, 1974 में "रंबल इन द जंगल" में मुहम्मद अली से मिली हार ने उन्हें सुर्खियों में ला दिया। लेकिन फोरमैन ने हार नहीं मानी। 1987 में रिंग में वापसी करते हुए उन्होंने 1994 में 45 साल की उम्र में माइकल मूरर को हराकर दोबारा हेवीवेट खिताब जीता, और सबसे उम्रदराज हेवीवेट चैंपियन बनकर इतिहास रच दिया।

उनके करियर के आंकड़े उनकी महानता की गवाही देते हैं। फोरमैन ने 81 मुकाबलों में से 76 में जीत हासिल की, जिनमें से 68 नॉकआउट से थीं। उनकी ताकत और निडरता ने उन्हें फैंस का चहेता बना दिया था।

रिंग से ग्रिल तक: एक अनोखी यात्रा

मुक्केबाजी से संन्यास लेने के बाद फोरमैन ने एक नई पारी शुरू की, जो उन्हें रिंग से भी ज्यादा प्रसिद्धि दिलाने वाली थी। "जॉर्ज फोरमैन ग्रिल" नामक कुकिंग मशीन ने दुनिया भर में 100 मिलियन से अधिक यूनिट्स बेचीं और उन्हें एक सफल व्यवसायी के रूप में स्थापित किया। इसके अलावा, वह एक लेखक, उपदेशक और अभिनेता भी रहे। 1977 में जिमी यंग से हार के बाद ड्रेसिंग रूम में उन्हें एक धार्मिक अनुभव हुआ, जिसके बाद वे ईसाई धर्म की ओर मुड़े और एक समर्पित उपदेशक बन गए।

परिवार और विरासत

फोरमैन के परिवार ने उन्हें एक प्यार करने वाले पिता, दादा और परदादा के रूप में याद किया। उनके 12 बच्चे थे, जिनमें पांच बेटों का नाम भी जॉर्ज एडवर्ड फोरमैन रखा गया था, जो उनकी अनोखी शख्सियत का प्रतीक था। उनकी बायोपिक फिल्म 2023 में रिलीज हुई थी, जो उनके प्रेरणादायक जीवन को दर्शाती है।

दुनिया भर से शोक

फोरमैन के निधन की खबर से मुक्केबाजी और खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई। टॉप रैंक के अध्यक्ष बॉब अरुम ने कहा, "जॉर्ज न सिर्फ एक महान मुक्केबाज थे, बल्कि मेरे परिवार के लिए एक दोस्त भी थे। हमने एक परिवार के सदस्य को खो दिया है।" फैंस और सहयोगियों ने सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दी, उनकी सादगी और जुझारूपन को याद किया।

हालांकि उनके निधन का कारण अभी स्पष्ट नहीं किया गया है, लेकिन उनकी यादें और उपलब्धियां हमेशा जिंदा रहेंगी। जॉर्ज फोरमैन एक ऐसे इंसान थे, जिन्होंने रिंग में अपनी ताकत और जिंदगी में अपनी हिम्मत से सबको प्रेरित किया। उनकी अंतिम विदाई के साथ ही मुक्केबाजी की दुनिया ने अपना एक नायाब हीरा खो दिया। 

Ashok Shera

Ashok Shera Official | Verified Expert • 11 Jun, 2026Editor

"द खटक" एडिटर-इन-चीफ

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