सरदारपुरा थाना क्षेत्र में स्पा सेंटर पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, विदेशी युवतियों से देह व्यापार का पर्दाफाश.
जोधपुर के सरदारपुरा थाना क्षेत्र में 'वन मोर स्पा' पर पुलिस छापा, थाईलैंड की 9 विदेशी युवतियों सहित 17 गिरफ्तार। मालिक अनिल माहेश्वरी फरार, पहले भी देह व्यापार के मामले में पकड़ा गया। विदेशी अधिनियम और आईएमसीए एक्ट में मुकदमा दर्ज।
जोधपुर, 10 नवम्बर 2025 : राजस्थान के जोधपुर शहर में स्पा सेंटरों के नाम पर चल रहे अवैध देह व्यापार के खिलाफ पुलिस की सख्ती जारी है। रविवार को सरदारपुरा थाना पुलिस ने नौवीं रोड पर स्थित 'वन मोर स्पा' सेंटर पर दबिश देकर एक बड़े सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया। इस कार्रवाई में 9 विदेशी युवतियां सहित कुल 17 लोग गिरफ्तार हुए हैं, जबकि सेंटर के मालिक अनिल माहेश्वरी के खिलाफ विदेशी नागरिकों को अवैध रूप से ठहराने और देह व्यापार कराने का मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई शहर में स्पा सेंटरों पर लगातार हो रही दूसरी बड़ी छापेमारी है, जो अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
घटना का विवरण
पुलिस को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली थी कि सरदारपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत नौवीं रोड पर स्थित 'वन मोर स्पा' सेंटर में मसाज और बॉडी स्पा के नाम पर अनैतिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। यहां विदेशी युवतियों को रखकर ग्राहकों से देह व्यापार कराया जा रहा था। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस ने सोमवार रात को ही तैयारी शुरू कर दी। मंगलवार दोपहर में एसीपी छवी शर्मा के नेतृत्व में सरदारपुरा थाना प्रभारी विश्राम मीणा की टीम ने सेंटर पर छापा मारा।छापेमारी के दौरान सेंटर के अंदर से थाईलैंड की 9 युवतियां बरामद हुईं, जिनके नाम मिस आर्फे, शशिकरण सुखजीत, यानिशा वांगमत्थाई, मीना थान्यकरणपुष, सुकन्या मावो, सुजीता फेटपासोट, सौंपोगर, बटसरफॉन आरगी और मातिगा हैं। ये सभी युवतियां बिना किसी वैध दस्तावेज या सी-फॉर्म के भारत में अवैध रूप से ठहरी हुई थीं। इसके अलावा, सेंटर से 3 अन्य भारतीय युवतियां- कपिल पुत्री पदम बहादुर, रीता पत्नी रामेश्वर और मीना पत्नी हरि सिंह- तथा 5 युवक भी पकड़े गए। कुल 17 गिरफ्तार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।पुलिस ने सेंटर की तलाशी ली तो वहां से आपत्तिजनक सामग्री, जैसे कंडोम, मसाज ऑयल और अन्य वस्तुएं बरामद हुईं, जो देह व्यापार के स्पष्ट संकेत दे रही थीं। ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए सेंटर में विदेशी युवतियों को विशेष रूप से रखा जाता था, और प्रति घंटे 2,000 से 5,000 रुपये तक की दरें वसूली जाती थीं।