सिद्धू मूसेवाला की तीसरी बरसी: मां की आंखें नम, पिता का ऐलान- बेटे को इंसाफ दिलाने के लिए लड़ूंगा चुनाव

सभा में सिद्धू मूसेवाला की मां चरण कौर अपने नवजात बेटे को गोद में लेकर पहुंचीं, जिसकी पैदाइश उन्होंने 58 साल की उम्र में IVF तकनीक से की थी। इस बच्चे का नाम भी उन्होंने अपने दिवंगत बेटे की याद में शुभदीप सिंह सिद्धू रखा है। सभा में शामिल लोगों की आंखें नम थीं और सोशल मीडिया पर #JusticeForSidhu और #LegendsNeverDie जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे थे।

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Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026Sub Editor
May 29, 2025 • 3:09 PM  7
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सिद्धू मूसेवाला की तीसरी बरसी: मां की आंखें नम, पिता का ऐलान- बेटे को इंसाफ दिलाने के लिए लड़ूंगा चुनाव
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सिद्धू मूसेवाला की तीसरी बरसी: मां की आंखें नम, पिता का ऐलान- बेटे को इंसाफ दिलाने के लिए लड़ूंगा चुनाव

पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री के मशहूर गायक सिद्धू मूसेवाला की आज तीसरी पुण्यतिथि है। इस मौके पर उनके पैतृक गांव मूसा (जिला मानसा) में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। भावुक माहौल में कीर्तन-अरदास हुआ और भारी संख्या में लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे।

सभा में सिद्धू मूसेवाला की मां चरण कौर अपने नवजात बेटे को गोद में लेकर पहुंचीं, जिसकी पैदाइश उन्होंने 58 साल की उम्र में IVF तकनीक से की थी। इस बच्चे का नाम भी उन्होंने अपने दिवंगत बेटे की याद में शुभदीप सिंह सिद्धू रखा है। सभा में शामिल लोगों की आंखें नम थीं और सोशल मीडिया पर #JusticeForSidhu और #LegendsNeverDie जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे थे।

मां की भावुक पोस्ट: "तेरे इंसाफ का इंतजार करते हुए 3 साल बीत गए"

सभा से पहले चरण कौर ने एक बेहद भावुक पोस्ट पंजाबी में लिखी। उन्होंने कहा-

"सिद्धू, कभी तू जन्म लेकर 3 दिनों, 3 महीनों और 3 वर्षों का हुआ था। हमारी जिंदगी में तेरी दस्तक ने हर मुश्किल से लड़ने की ताकत दी थी। लेकिन अब तेरी तस्वीरों से बात करते हुए 3 साल बीत गए हैं। तेरे इंसाफ की कोई किरण दिखाई देती है, तो उसे भी तोड़ दिया जाता है। फिर भी हम पीछे नहीं हटेंगे, अपने हक के लिए आवाज उठाते रहेंगे।"

पिता बलकौर सिंह का बड़ा ऐलान: 2027 में लड़ेंगे विधानसभा चुनाव

सभा के दौरान सिद्धू के पिता बलकौर सिंह ने कहा-

“तीन साल कैसे बीते, ये हम ही जानते हैं। सरकार ने जैसे कसम खा ली हो कि सिद्धू के लिए उठाई हर आवाज को दबाना है। हर बार हमारे कार्यक्रमों में रुकावटें डाली जाती हैं। लेकिन मैं पीछे नहीं हटूंगा। अब बेटे को इंसाफ दिलाने के लिए 2027 के विधानसभा चुनाव लड़ूंगा।”

उन्होंने यह घोषणा हाल ही में मानसा में हुई कांग्रेस की ‘संविधान बचाओ रैली’ के दौरान भी की थी। गौरतलब है कि सिद्धू मूसेवाला ने भी 2021 में कांग्रेस पार्टी जॉइन की थी और कहा था कि "सिस्टम को बदलना है तो सिस्टम का हिस्सा बनना होगा।"

हत्या, जांच और दोषी: तीन साल बाद भी इंसाफ अधूरा

29 मई 2022 को जब सिद्धू मूसेवाला अपने गांव से बिना सुरक्षा के काली थार गाड़ी में निकले, तब पंजाब के जवाहरके गांव में उन्हें घेरकर 30 से अधिक गोलियां चलाई गईं। 19 गोलियां सिद्धू को लगीं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

इस हत्या की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गिरोह ने ली थी। पुलिस इस केस में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़ समेत 36 लोगों को नामजद कर चुकी है। इनमें से 30 से ज्यादा आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, लेकिन परिवार और फैंस अब भी पूर्ण न्याय की मांग कर रहे हैं।

मौत के बाद भी कायम रहा स्टारडम: 8 गाने हुए रिलीज

सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद उनके 8 गाने रिलीज किए गए, जो उतने ही पॉपुलर हुए-

SYL: पंजाब-हरियाणा जल विवाद पर आधारित इस गाने को भारत में बैन कर दिया गया।

War: सिख योद्धा हरि सिंह नलवा को समर्पित, 6.5 करोड़ व्यूज़।

The Last Ride: मौत से दो हफ्ते पहले रिलीज, इसे भविष्यवाणी जैसा माना गया – 34 करोड़ व्यूज़।

Levels: हत्या से 4 दिन पहले रिलीज हुआ, विरोधियों पर कटाक्ष – 24 करोड़ व्यूज़।

No Name: सिद्धू की एकमात्र EP, 5 गानों के साथ – 5 करोड़ व्यूज़।


ब्रिटिश सिंगर स्टेफलॉन डॉन ने भी सिद्धू को श्रद्धांजलि देते हुए एक गाने में AI की मदद से उनका वर्चुअल वीडियो इस्तेमाल किया था।

तीन साल बाद भी एक ही मांग: इंसाफ

तीन साल गुजर जाने के बाद भी सिद्धू मूसेवाला के प्रशंसकों और परिवार की एक ही मांग है — इंसाफ। मां-बाप की आंखों में बेटे की यादें हैं, और दिलों में लड़ाई अब भी जारी है। सिद्धू केवल एक गायक नहीं थे, वे एक आंदोलन बन चुके हैं — और यह आंदोलन तब तक खत्म नहीं होगा, जब तक इंसाफ पूरा नहीं होता।

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