दो सगे भाइयों से एक युवती ने किया विवाह,पूरे देश चर्चा का विषय बनी यह शादी

दो भाइयों की एक लड़की से शादी ने हाटी समुदाय की बहुपति प्रथा को चर्चा में लाया है। यह परंपरा कानूनी रूप से मान्य है, क्योंकि हाटी समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा प्राप्त है। हालांकि, इसे लेकर सामाजिक और कानूनी बहस जारी है।

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Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Sub Editor
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दो सगे भाइयों से एक युवती ने किया विवाह,पूरे देश चर्चा का विषय बनी यह शादी
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दो सगे भाइयों से एक युवती ने किया विवाह,पूरे देश चर्चा का विषय बनी यह शादी

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के शिलाई क्षेत्र में हाल ही में हुई एक शादी ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। कुन्हट गांव की सुनीता चौहान ने दो सगे भाइयों, प्रदीप नेगी और कपिल नेगी, से 12 से 14 जुलाई 2025 तक चले तीन दिवसीय विवाह समारोह में शादी रचाई। यह शादी हाटी समुदाय की सदियों पुरानी बहुपति प्रथा, जिसे 'जोड़ीदार' या 'उजला पक्ष' के नाम से जाना जाता है, के तहत हुई। इस समारोह में पारंपरिक लोकगीत, नृत्य और रीति-रिवाजों के साथ सैकड़ों लोग शामिल हुए। प्रदीप जल शक्ति विभाग में सरकारी नौकरी करते हैं, जबकि कपिल विदेश में होटल शेफ के रूप में कार्यरत हैं। सुनीता, जो स्वयं एक शिक्षित आईटीआई टेक्नीशियन हैं, ने कहा कि यह फैसला उन्होंने अपनी मर्जी और परिवार की सहमति से लिया। इस शादी ने जहां हाटी समुदाय की परंपराओं को जीवंत किया, वहीं सामाजिक और कानूनी बहस को भी जन्म दिया है।

हाटी समुदाय और जोड़ीदार प्रथा का इतिहास

हाटी समुदाय, जो हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा पर बसे ट्रांस-गिरी क्षेत्र में निवास करता है, 2022 में केंद्र सरकार द्वारा अनुसूचित जनजाति का दर्जा प्राप्त कर चुका है। इस समुदाय में बहुपति प्रथा, जिसे जोड़ीदार या जाजड़ा के नाम से जाना जाता है, सदियों से प्रचलित है। इस प्रथा के तहत एक महिला दो या अधिक भाइयों से विवाह करती है, जिसका उद्देश्य संयुक्त परिवार की एकता बनाए रखना और पैतृक संपत्ति का बंटवारा रोकना है। स्थानीय लोग इसे महाभारत की द्रौपदी और पांडवों की कहानी से भी जोड़ते हैं। केंद्रीय हाटी समिति के अध्यक्ष रमेश सिंगटा का कहना है कि यह परंपरा उनकी सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है, और उन्हें इस पर गर्व है। हालांकि, बढ़ती शिक्षा और आर्थिक प्रगति के कारण ऐसी शादियां अब कम हो रही हैं, और कई बार इन्हें गुप्त रूप से संपन्न किया जाता है।

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