बाघ के सामने 30 मिनट तक थमी रुकी 25 पर्यटकों की सांसें, कैंटर फंसने से बनी डरावनी रात.

जयपुर के नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में टाइगर सफारी के दौरान कैंटर का पहिया कीचड़ में धंस गया। ठीक उसी वक्त सामने बाघ आ गया, जिससे 7 बच्चों समेत 25 पर्यटकों की सांसें 30 मिनट तक अटकी रहीं। वन विभाग ने उन्हें पैदल जंगल से निकाला और वीडियो डिलीट करवाए। विभाग इसे मामूली घटना बता रहा है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
October 29, 2025 • 5:24 PM  16
राजस्थान
NEWS CARD
Logo
बाघ के सामने 30 मिनट तक थमी रुकी 25 पर्यटकों की सांसें, कैंटर फंसने से बनी डरावनी रात.
“बाघ के सामने 30 मिनट तक थमी रुकी 25 पर्यटकों की सांसें, कैंटर फंसने से बनी डरावनी रात.”
Favicon
Read more on thekhatak.com
29 Oct 2025
https://thekhatak.com/bagh-ke-samne-30-minute-thami-25-tourists-ki-saansen-kantar-fasne-se-daravni-raat-3065
Google News
Copied
बाघ के सामने 30 मिनट तक थमी रुकी 25 पर्यटकों की सांसें, कैंटर फंसने से बनी डरावनी रात.

जयपुर, 29 अक्टूबर 2025: गुलाबी नगरी जयपुर का प्रसिद्ध नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क, जहां प्रकृति प्रेमी वन्यजीवों की अठखेलियों का मजा लेने आते हैं, आज एक ऐसी घटना का गवाह बना जो किसी फिल्मी सीन से कम न लगे। यहां टाइगर सफारी के दौरान एक कैंटर का पहिया कीचड़ भरी सड़क में धंस गया, और ठीक उसी पल सामने एक शेरनी आ गई। कैंटर में सवार 7 मासूम बच्चों समेत करीब 25 पर्यटकों की सांसें 30 लंबे मिनट तक अटक गईं। पर्यटकों का दावा है कि वन विभाग के कर्मचारियों ने उन्हें पैदल ही जंगल से बाहर निकालवाया, साथ ही घटना का वीडियो भी जबरन डिलीट करवा लिया। यह घटना न सिर्फ पर्यटन सुरक्षा पर सवाल खड़ी कर रही है, बल्कि वन्यजीव सफारी की व्यवस्था पर भी गंभीर उंगली उठा रही है।

घटना की पूरी समयरेखा: कैसे बनी डर की रात?

घटना शाम करीब 4 बजे की बताई जा रही है, जब एक ग्रुप टूरिस्ट्स टाइगर सफारी का आनंद लेने निकले थे। नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क, जो अरावली की पहाड़ियों में 720 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है, राजस्थान का एक प्रमुख इको-टूरिज्म स्पॉट है। यहां लायन सफारी, लेपर्ड सफारी, एलीफेंट सफारी के अलावा पिछले साल अक्टूबर में शुरू हुई टाइगर सफारी पर्यटकों को सबसे ज्यादा आकर्षित करती है। इस सफारी में पुणे और नागपुर से लाए गए बाघ गुलाब, भक्ति और चमेली जैसे बाघों को खुले जंगल जैसी सेटिंग में देखा जा सकता है।पर्यटकों के मुताबिक, कैंटर साफारी ट्रैक पर पहुंचा ही था कि अचानक नरम मिट्टी में पहिया धंस गया। ड्राइवर ने वाहन को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन तब तक करीब 10-15 मीटर की दूरी पर एक बाघ (या शेरनी, जैसा कुछ पर्यटक बता रहे हैं) प्रकट हो गया। बाघ की दहाड़ और करीब आने की आहट से कैंटर में सन्नाटा छा गया। महिलाएं और बच्चे चीख पड़े, जबकि वयस्क पर्यटक मोबाइल से वीडियो बनाने लगे। "हमारी सांसें थम सी गईं। बच्चे डर के मारे रो रहे थे, और हम बस प्रार्थना कर रहे थे कि बाघ न आए," एक पर्यटक ने बताया।लगभग 30 मिनट तक कोई मदद नहीं पहुंची। आखिरकार, वन विभाग की एक दूसरी टीम आई, लेकिन कैंटर को तुरंत बाहर नहीं निकाला जा सका। पर्यटकों को कैंटर से उतारकर पैदल ही ट्रैक से बाहर लाया गया। दूरी करीब 2 किलोमीटर बताई जा रही है, जहां जंगल की घनी झाड़ियां और अंधेरा बढ़ रहा था। पर्यटकों का आरोप है कि इस दौरान स्टाफ ने उनके फोन चेक किए और वीडियो डिलीट करवा लिए, ताकि घटना वायरल न हो। "वे बोले कि वीडियो से पार्क की इमेज खराब होगी, लेकिन हमारी जान की परवाह किसने की?" एक महिला पर्यटक ने गुस्से में कहा।

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Digital Archives

home Home amp_stories Web Stories local_fire_department Trending play_circle Videos mark_email_unread Newsletter