बाड़मेर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच पोस्टर विवाद: जिलाध्यक्ष और पीसीसी सदस्य के समर्थकों में हुई तीखी बहस, लक्ष्मणसिंह गोदारा ने शांत करवाया मामला
बाड़मेर के सिणधरी सर्किल पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा और पीसीसी सदस्य ठाकराराम माली के पोस्टर को लेकर दोनों गुटों के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। एक-दूसरे पर पोस्टर फाड़ने के आरोप लगे। जिलाध्यक्ष मौके पर पहुंचे और मामले को शांत करवा दिया। पुलिस भी पहुंची, लेकिन कोई बड़ा विवाद नहीं हुआ।
बाड़मेर शहर में कांग्रेस पार्टी के अंदरूनी गुटबाजी का एक छोटा लेकिन चर्चित मामला सामने आया है। शहर के सिणधरी सर्किल ओवरब्रिज पर पोस्टर लगाने को लेकर कांग्रेस के दो गुटों के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। एक पक्ष कांग्रेस जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा के समर्थक थे, जबकि दूसरे पक्ष पीसीसी (प्रदेश कांग्रेस कमेटी) सदस्य ठाकराराम माली के समर्थक। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर अपने नेताओं के पोस्टर फाड़ने का आरोप लगाया। मामला इतना बढ़ गया कि देर रात मौके पर बहस और आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। हालांकि, समय रहते जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा खुद मौके पर पहुंचे और कार्यकर्ताओं से बातचीत कर पूरे विवाद को शांत करवा दिया। कोतवाली पुलिस भी सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची और कार्यकर्ताओं को समझाकर वहां से रवाना करवाया।
घटना की पूरी जानकारी: कैसे शुरू हुआ विवाद? दरअसल, यह पूरा मामला पीसीसी सदस्य ठाकराराम माली के जन्मदिन के अवसर पर उनके समर्थकों द्वारा शहर में पोस्टर लगाने से जुड़ा है। सिणधरी सर्किल ओवरब्रिज के पिलरों पर पहले से कांग्रेस जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा के पोस्टर लगे हुए थे (कुछ रिपोर्ट्स में इन्हें "कोचिंग" पोस्टर भी कहा गया है, लेकिन संदर्भ कांग्रेस नेताओं के ही हैं)। सोमवार देर रात ठाकराराम माली के समर्थक वहां जन्मदिन की बधाई वाले पोस्टर लगाने पहुंचे।उन्होंने जिलाध्यक्ष के पोस्टर को पूरी तरह हटाने या फाड़ने की बजाय कुछ हिस्सों को फाड़कर या आधा-अधूरा छोड़कर उसके ऊपर अपने पोस्टर चिपका दिए।यह देखकर लक्ष्मणसिंह गोदारा के समर्थक मौके पर पहुंच गए। उन्होंने विरोध जताते हुए कहा कि अगर पोस्टर लगाना है तो पुराने पोस्टर को पूरी तरह हटाकर या उसके ऊपर ही लगाओ, आधा-अधूरा फाड़कर क्यों अपमान कर रहे हो?इस बात पर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। आरोप लगे कि ठाकराराम माली के समर्थकों ने जानबूझकर जिलाध्यक्ष के पोस्टर फाड़े।जवाब में माली के समर्थकों ने भी जिलाध्यक्ष के पक्ष पर उनके जन्मदिन पोस्टर फाड़ने का आरोप लगाया।बहस के दौरान दोनों तरफ से एक-दूसरे को भला-बुरा कहने और गर्मा-गर्मी का माहौल बन गया।