बाड़मेर की बेटी सरिता लीलड़ ने रचा इतिहास: बनीं जिले की पहली महिला असिस्टेंट एनसीसी ऑफिसर

बाड़मेर की सरिता लीलड़ ने ओटीए ग्वालियर में प्रशिक्षण पूरा कर भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट और जिले की पहली महिला असिस्टेंट एनसीसी ऑफिसर बनकर इतिहास रचा। उनकी उपलब्धि राजस्थान के लिए गर्व का विषय है।

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Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026Sub Editor
September 21, 2025 • 1:59 PM  221
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बाड़मेर की बेटी सरिता लीलड़ ने रचा इतिहास: बनीं जिले की पहली महिला असिस्टेंट एनसीसी ऑफिसर
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बाड़मेर की बेटी सरिता लीलड़ ने रचा इतिहास: बनीं जिले की पहली महिला असिस्टेंट एनसीसी ऑफिसर

एमबीसी राजकीय महिला महाविद्यालय, बाड़मेर में अंग्रेजी की सहायक आचार्य के पद पर कार्यरत सरिता लीलड़ ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने ग्वालियर (मध्यप्रदेश) में स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA) में कठोर प्रशिक्षण पूरा कर भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के रैंक के साथ-साथ असिस्टेंट एनसीसी ऑफिसर (ANO) की नियुक्ति प्राप्त की है। सरिता लीलड़ बाड़मेर जिले की पहली महिला हैं, जिन्हें यह सम्मान प्राप्त हुआ है, जिससे न केवल बाड़मेर बल्कि पूरे राजस्थान का गौरव बढ़ा है।

कठिन प्रशिक्षण के बाद मिली उपलब्धि

सरिता लीलड़ ने ओटीए ग्वालियर में कठिन शारीरिक और मानसिक प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा किया। यह प्रशिक्षण भारतीय सेना के उच्च मानकों पर आधारित होता है, जिसमें अनुशासन, नेतृत्व कौशल, और शारीरिक दक्षता का कड़ा परीक्षण किया जाता है। इस प्रशिक्षण के बाद उन्हें भारतीय सेना द्वारा लेफ्टिनेंट का रैंक प्रदान किया गया और वे नेशनल कैडेट कोर (NCC) की असिस्टेंट ऑफिसर नियुक्त की गईं। यह उपलब्धि उनके समर्पण, कड़ी मेहनत और देश सेवा के प्रति उनके जज्बे का प्रतीक है।

बाड़मेर की पहली महिला ANO

बाड़मेर जैसे सीमावर्ती जिले, जो अपनी कठिन भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों के लिए जाना जाता है, वहां सरिता लीलड़ की यह उपलब्धि एक मील का पत्थर है। वे बाड़मेर की पहली महिला हैं, जिन्होंने असिस्टेंट एनसीसी ऑफिसर (ANO) का पद हासिल किया है। इस उपलब्धि ने न केवल बाड़मेर की बेटियों के लिए बल्कि पूरे राजस्थान की युवतियों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। उनकी इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि दृढ़ संकल्प और मेहनत से किसी भी क्षेत्र में असंभव को संभव बनाया जा सकता है।

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