बाड़मेर में पानी संकट से राहत की तैयारी: नए पम्पों के लिए 50 करोड़ मंजूर, अगले साल गर्मियों तक बढ़ेगी सप्लाई

बाड़मेर में हर साल होने वाले पेयजल संकट को देखते हुए राजस्थान सरकार ने मोहनगढ़ और भांगू में नए हाई-कैपेसिटी पम्प लगाने के लिए 50 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। इससे पानी उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और बाड़मेर शहर समेत 851 गांवों को राहत मिलेगी। फिलहाल नहरबंदी के कारण जिले में जल संकट गहरा गया है, लेकिन अगले साल गर्मियों तक नई व्यवस्था से सप्लाई बेहतर होने की उम्मीद है।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
May 22, 2026 • 11:25 AM  12
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राजस्थान
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बाड़मेर में पानी संकट से राहत की तैयारी: नए पम्पों के लिए 50 करोड़ मंजूर, अगले साल गर्मियों तक बढ़ेगी सप्लाई
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22 May 2026
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बाड़मेर में पानी संकट से राहत की तैयारी: नए पम्पों के लिए 50 करोड़ मंजूर, अगले साल गर्मियों तक बढ़ेगी सप्लाई

राजस्थान के सीमावर्ती बाड़मेर जिले में हर साल गर्मियों के दौरान गहराने वाले पेयजल संकट को देखते हुए सरकार ने बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने मोहनगढ़ और भांगू क्षेत्र में नए हाई-कैपेसिटी पम्प लगाने के लिए 50 करोड़ रुपए की स्वीकृति जारी की है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद बाड़मेर शहर सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में पानी उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और लोगों को नियमित जलापूर्ति मिल सकेगी।

पीएचईडी अधिकारियों के अनुसार लंबे समय से मोहनगढ़ और भांगू में लगे पुराने पम्पों की क्षमता कम हो चुकी थी, जिसके कारण जरूरत के अनुसार पानी उत्पादन नहीं हो पा रहा था। गर्मी के मौसम में इसका सीधा असर जलापूर्ति पर पड़ता था। अब सरकार की मंजूरी मिलने के बाद दोनों स्थानों पर अधिक क्षमता वाले आधुनिक पम्प लगाए जाएंगे।

मोहनगढ़ और भांगू में लगेंगे नए हाई-कैपेसिटी पम्प

पीएचईडी के अधीक्षण अभियंता हजारीलाल बालवा ने बताया कि पानी उत्पादन क्षमता घटने की वजह से सप्लाई व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। इसी को देखते हुए राजस्थान सरकार ने 50 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की है।

उन्होंने कहा कि नए पम्प लगने के बाद पानी उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और बाड़मेर लिफ्ट केनाल तक ज्यादा मात्रा में पानी पहुंचाया जा सकेगा। इससे शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में जल वितरण व्यवस्था मजबूत होगी।

फिल्टर प्लांट क्षमता के मुकाबले कम हो रहा था उत्पादन

अधिकारियों के अनुसार मोहनगढ़ स्थित फिल्टर प्लांट की निर्धारित क्षमता करीब 172 एमएलडी है, लेकिन मौजूदा व्यवस्था के कारण फिलहाल इससे कम पानी का उत्पादन हो रहा था। पुराने उपकरण और कम क्षमता वाले पम्प इसकी बड़ी वजह थे।

नई स्वीकृति मिलने के बाद विभाग जल्द टेंडर प्रक्रिया पूरी करेगा। इसके बाद निर्माण और इंस्टॉलेशन का काम शुरू होगा। विभाग का दावा है कि अगले साल गर्मियों से पहले इसका फायदा लोगों को मिलने लगेगा।

2012 में शुरू हुई थी बाड़मेर लिफ्ट पेयजल परियोजना

बाड़मेर लिफ्ट पेयजल परियोजना की शुरुआत साल 2012 में हुई थी। इस महत्वाकांक्षी योजना के जरिए बाड़मेर शहर, डिफेंस एरिया और जिले के 851 गांवों तक पाइपलाइन से पेयजल पहुंचाया जा रहा है। यह योजना 2011 की जनगणना के आधार पर तैयार की गई थी।

इसके अलावा जिले के कई गांवों में जल जीवन मिशन के तहत भी पाइपलाइन और जलापूर्ति से जुड़े कार्य किए जा रहे हैं। कई क्षेत्रों में यह कार्य पूरा हो चुका है, जबकि कुछ जगहों पर निर्माण जारी है।

नहरबंदी से इस बार और गहराया संकट

इस बार नहर क्लोजर के कारण बाड़मेर जिले में पानी संकट और अधिक गंभीर हो गया। शहर से लेकर गांवों और दूर-दराज की ढाणियों तक लोगों को पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ा।

कई इलाकों में जलापूर्ति का अंतराल 10 से 15 दिन तक पहुंच गया था। भीषण गर्मी में लोगों को टैंकरों और निजी स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ा। हालांकि अब मोहनगढ़ तक नहर का पानी पहुंच चुका है, लेकिन बाड़मेर तक सप्लाई सामान्य होने में अभी करीब एक सप्ताह का समय लग सकता है।

Mohit Parihar

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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