बिहार से लापता मानसिक रूप से बीमार युवक बाड़मेर में पुलिस को मिला: एक माह बाद भाई से मिलन, गले लगकर जाहिर की खुशी; रामसर पुलिस के 'मिलाप' अभियान की सराहना
बाड़मेर पुलिस ने बिहार से लापता मानसिक रूप से बीमार युवक साहिल मंसूरी को एक माह बाद सकुशल बरामद कर भाई साजिद को सौंपा; ऑपरेशन मिलाप के तहत परिवार का भावुक मिलन,
राजस्थान के बाड़मेर जिले में एक हृदयस्पर्शी घटना सामने आई है, जहां बिहार से लापता एक मानसिक रूप से बीमार युवक को पुलिस ने सकुशल बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया। युवक करीब एक माह से घर से गायब था और परिजन उसे ढूंढने में असमर्थ थे। बाड़मेर की रामसर पुलिस ने स्पेशल अभियान 'मिलाप' के तहत इस मामले को सुलझाया और परिवार को फिर से एकजुट किया। परिजनों ने पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया है।
घटना का विवरण: कैसे हुआ लापता और बरामदगी? खबर के अनुसार, गुमशुदा युवक का नाम साहिल मंसूरी (उम्र करीब 25-30 वर्ष अनुमानित) है, जो बिहार के एक गांव का निवासी है। वह मानसिक रूप से बीमार था और घर से अचानक गायब हो गया था। परिजनों के मुताबिक, साहिल एक माह पहले (अक्टूबर माह में) घर से निकला और वापस नहीं लौटा। परिवार ने स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। साहिल की मानसिक स्थिति के कारण वह दिशाहीन होकर कहीं भी भटक सकता था, जिससे परिजनों की चिंता बढ़ गई थी।बाड़मेर जिले के रामसर क्षेत्र में साहिल को पुलिस को देखा गया। वह भटकते हुए सड़कों पर घूम रहा था और अपनी पहचान बताने में असमर्थ था। स्थानीय लोगों ने उसे देखकर रामसर पुलिस थाने को सूचना दी। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे अपने संरक्षण में लिया और उसकी देखभाल की। चूंकि साहिल मानसिक रूप से परेशान था, इसलिए पुलिस ने उसे शांतिपूर्वक हैंडल किया और कोई जोर-जबरदस्ती नहीं की।